रायपुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा राजधानी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश प्रवक्ता जयदीप खनूजा ने बताया कि जिसमें देश और प्रदेश में तेजी से फैल रहे नशे के कारोबार, सीमा सुरक्षा में लापरवाही और छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती जैसे गंभीर मुद्दे चिंतनीय हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए तथ्यों और आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी । आप नेताओं ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पंजाब में 2 वर्षों में नशा खत्म करने के वादे की वास्तविकता, पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के माध्यम से हो रही ड्रग्स तस्करी पर केंद्र सरकार की जवाबदेही,NCRB और अन्य एजेंसियों के आंकड़ों के आधार पर देश में बढ़ते NDPS मामले वाकई गंभीर है।
प्रदेश अध्यक्ष (ट्रांसपोर्ट विंग ) पलविंदर सिंग पन्नू ने कहा कि देश में 2023 में ड्रग की बरामदगी लगभग 16,100 करोड़ और 2024 में लगभग 25,330 करोड़ जो 2023 की तुलना में लगभग 55% वृद्धि हुई है , साथ ही नई तस्करी प्रवृत्तियाँ (2023–2024) में देखने को मिली है डार्कनेट के उपयोग में वृद्धि हुई है , कूरियर/पार्सल के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी एवं सिंथेटिक ड्रग्स शहरी/कॉलेज युवाओं में फैलाव बढ़ रहा है। NCRB 2022 के अनुसार NDPS के सर्वाधिक मामले वाले राज्य उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश ,राजस्थान रहे है।जिन राज्य में आज भाजपा की सरकार है वहां तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नशे पर रोकथाम कर नहीं पा रहे हैं और पंजाब के लोगों से 2 साल में नशा खत्म करने का वादा वाकई हास्यास्पद है! गुजरात के बंदरगाहों और समुद्री मार्गों से पकड़ी गई बड़ी ड्रग्स खेपों पर सवाल खड़े करता है।
प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ़ ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत पिछले 2022 से निर्णायक कार्रवाई की गई है, जिसमें 95,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 772 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई और 1100 से अधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे उपायों ने सीमा पार तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दुर्ग, बलरामपुर, रायगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में अवैध अफीम की खेती रोकने में सरकार नाकाम क्यों है? और सभी मामलों में प्रशासनिक मिलीभगत की जांच होनी चाहिए और दोषियों अधिकारियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, सरकार अफीम की खेती पर अब तक चुप्पी क्यों साधे हुए है?
आम आदमी पार्टी का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस और ईमानदार कार्रवाई से जीती जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकारें इस मुद्दे पर प्रभावी कदम उठाने में विफल रही हैं. केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को इन नशे के इन आंकड़ों को देखते हुए मजबूत रोडमैप तैयार कर इस पर रोकथाम लगानी चाहिए।
