जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम घुरकोट में तरबूज खाने के बाद पांच बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस घटना में एक 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि चार अन्य बच्चों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पोड़ी दलहा निवासी अखिलेश धीवर (15), अवरीद निवासी श्री धीवर (4), खटोला निवासी पिंटू धीवर (12) नरेंद्र धीवर (17) और कोटगढ़ निवासी हितेश धीवर (13) अपने परिजनों के साथ मामा संतोष धीवर के घर घुरकोट गांव आए हुए थे।
सुबह काटकर रखा गया था तरबूज
बच्चों के रिश्तेदार स्वजन महेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार की दोपहर के समय बच्चों ने घर में रखा तरबूज खाया था। बताया जा रहा है कि तरबूज सुबह से काटकर रखा गया था, जिसे कई घंटे बाद बच्चों ने खाया। साथ ही रात में कुछ बच्चों ने चिकन भी खाया था।
तरबूज खाने के कुछ समय बाद सबसे पहले अखिलेश की तबीयत बिगड़ने लगी। रात में उसे उल्टी-दस्त और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई। हालत गंभीर होने पर स्वजन उसे सोमवार की सुबह एम्बुलेंस से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। अखिलेश के बाद अन्य चार बच्चों में भी समान लक्षण दिखाई दिए। बच्चों को तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
तरबूज खाने से संक्रमण और फूड पाइजनिंग की आशंका
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. कुजूर ने बताया कि काफी देर तक रखा हुआ कटा तरबूज खाने से संक्रमण और फूड पॉइजनिंग की आशंका है। प्रारंभिक जांच में यही वजह सामने आ रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए
इधर, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के पीछे संक्रमण, खराब फल या अन्य कोई कारण जिम्मेदार था।
