छत्तीसगढ़ देशभर में एमबीबीएस और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए 3 मई को आयोजित हुई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छत्तीसगढ़ के छात्रों में भी भारी निराशा और असमंजस का माहौल बन गया है। जानकारी मुताबिक अब यह परीक्षाएं दोबारा से आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है।
42 हजार से ज्यादा छात्रों पर परीक्षा का दबाव
बता दें इस वर्ष देशभर में करीब 22.75 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 22 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल हुए। वहीं छत्तीसगढ़ की बात करें तो 42 हजार से ज्यादा छात्रों ने पंजीकरण कराया था। हालांकि, NTA ने अभी तक राज्यवार या शहरवार आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
रायपुर बना सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र
प्रदेश में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, जगदलपुर और अंबिकापुरसमेत कई शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें रायपुर सबसे बड़ा सेंटर रहा, जहां हजारों छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षा रद्द होने के बाद सबसे ज्यादा चिंता राजधानी के छात्रों और अभिभावकों में देखी जा रही है
छात्रों ने कहा- फिर से मानसिक दबाव झेलना मुश्किल
कई छात्रों का कहना है कि NEET जैसी परीक्षा के लिए वे पिछले एक साल से तैयारी कर रहे थे। 3 मई को परीक्षा देकर उन्हें राहत मिली थी, लेकिन अब दोबारा परीक्षा की खबर ने तनाव बढ़ा दिया है। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई फिर शुरू करना जितना कठिन नहीं, उससे ज्यादा मुश्किल दोबारा वही मानसिक दबाव झेलना है।
अभिभावकों की चिंता भी बढ़ी
छात्रों के साथ-साथ अभिभावक भी परेशान हैं। कोचिंग, पढ़ाई और रहने-खाने पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद अब दोबारा परीक्षा की तैयारी का दबाव परिवारों पर भी बढ़ गया है।
NTA ने दी राहत, दोबारा आवेदन नहीं करना होगा
हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने साफ किया है कि छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा। पुराना रजिस्ट्रेशन मान्य रहेगा और कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। अब सभी को नई परीक्षा तारीख का इंतजार है, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
भरोसा बचाने के लिए लिया गया फैसला
NTA का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी था। पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो करेगी।
