अंबिकापुर शहर के बीच स्थित मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा दुकान में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने और संबंधित संस्थान के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शनिवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि 23 अप्रैल की दोपहर अंबिकापुर के घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में स्थित मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा दुकान में आग लगने से बड़ा हादसा हुआ। संकरी गली में संचालित इस प्रतिष्ठान में भारी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण किया गया था, साथ ही भवन में प्लास्टिक सामग्री भी बड़ी मात्रा में रखी गई थी। अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैली, जिससे दुकान पूरी तरह नष्ट हो गई और आसपास के कई घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित संस्थान के संचालकों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। साथ ही शहर में ऐसे अन्य खतरनाक भंडारण स्थलों की पहचान कर उन्हें शहर से बाहर स्थानांतरित करने की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि आगजनी से प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की जाए और तय समयसीमा में दोषी संस्थान के संचालकों से मुआवजा दिलाया जाए।
इस दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान पर आपत्ति जताते हुए बालकृष्ण पाठक ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को शहर की जनता के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों की मदद करने के बजाय दोषी व्यवसायी के पक्ष में खड़ा होना उचित नहीं है। ज्ञापन सौंपने के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह धंजल, विनीत विशाल जायसवाल, जमील खान, आशीष वर्मा, चंद्रप्रकाश सिंह, अमित सिंह, दिनेश शर्मा और परवेज आलम गांधी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दमकल व्यवस्था मजबूत करने की मांग
कांग्रेस ने ज्ञापन में शहर की बढ़ती आबादी और संकरी गलियों को ध्यान में रखते हुए दमकल विभाग को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। इसमें दमकल कर्मियों को अग्निरोधी वस्त्र और उपकरण उपलब्ध कराने, शहर के प्रमुख स्थानों पर दमकल वाहनों के लिए स्थायी जल भराव प्वाइंट बनाने तथा कर्मचारियों का नियमितिकरण कर उनके वेतन और सेवा शर्तों में सुधार करने की मांग भी शामिल है।
