रायपुर: राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में एक महिला कैदी द्वारा आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आया है, जिसने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार महिला प्रकोष्ठ में बंद कैदी आशिमा राव ने कथित रूप से अपने हाथ की नस काटकर आत्महत्या की कोशिश की। घटना के बाद उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई, जहां उसके हाथ में आठ टांके लगाए गए।
तीन-चार दिन बाद सामने आया मामला
बताया जा रहा है कि यह घटना तीन से चार दिन पुरानी है, लेकिन अब सामने आने के बाद स्वजन में आक्रोश बढ़ गया है। परिजनों का आरोप है कि जेल के भीतर चेकिंग के नाम पर महिला कैदी के साथ प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हो गई।
चिट्ठी के जरिए बताई प्रताड़ना
स्वजन के मुताबिक, आशिमा राव ने एक चिट्ठी के माध्यम से जेल में हो रही प्रताड़ना की जानकारी दी थी। आरोप है कि तलाशी के दौरान उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गई और इसी के चलते उसने आत्महत्या का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन जेल पहुंचे और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, जेल प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि महिला कैदी पूरी तरह सुरक्षित है और उसे बाहर रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ी। प्रशासन के अनुसार, कुछ दिन पहले उसके पास से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी, जिसके बाद जेल नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
जांच जारी, सच्चाई का इंतजार
जानकारी के अनुसार, आशिमा राव पिछले लगभग छह महीनों से मारपीट के एक मामले में जेल में बंद है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों के दावों के बीच वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।
