रायपुर खाद्य विभाग के पास पहुंचे एक अजीबोगरीब मामले ने अफसरों में हड़कंप मचा दिया है। जिन टैंकरों को एलपीजी चोरी के आरोप में जब्त किया गया था, बाद में थाने में खड़े उन्हीं टैंकरों से गैस गायब हो गई। मामला बढ़ने पर महासमुंद एसपी ने रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को पत्र लिखकर निजी कंपनी के परिसर में खड़े टैंकरों को मालिक को सौंपने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार दिसंबर 2025 में अवैध रिफिलिंग की सूचना पर सरायपाली एसडीएम ने गैस से भरे 6 टैंकर जब्त कर सिंघोड़ा थाने को सौंपे थे। करीब दो महीने बाद ज्वलनशीलता के कारण इन्हें अभनपुर भेजा गया। एएसपी प्रतिभा पांडे के मुताबिक नोजल खुले होने से जोखिम था। हाई कोर्ट के आदेश पर 9 अप्रैल को मालिक के. सुब्रह्मण्यम टैंकर लेने पहुंचे तो 52,930 किलो एलपीजी गायब मिली। शिकायत के बाद भी अब तक राहत नहीं मिली है।
अभनपुर में टैंकर है ये जीपीएस ट्रैकर से पता चला
जब्त टैंकरों को लेने वे जब सिंघोड़ा थाने पहुंचे तो महासमुंद पुलिस और खाद्य विभाग के अफसरों ने टैंकरों की सही जानकारी देने के बजाय उन्हें गुमराह करते रहे। वे पांच दिन तक यही नहीं जान पाए कि टैंकर आखिर खड़े कहां हैं। बाद में उन्होंने टैंकरों में लगे जीपीएस सिस्टम से पता लगवाया तब पता चला कि टैंकर अभनपुर में एक निजी कंपनी ठाकुर पैट्रोकैमिकल्स के परिसर में खड़े हैं। इसके बाद वे अभनपुर पहुंचे तो उन्हें अपने टैंकरों से 52930 किलो गैस कम मिली। निजी कंपनी के परिसर में टैंकरों के वाल्व (सुरक्षा सील) टूटे हुए थे। जांच करने पर पता चला कि टैंकर पूरी तरह खाली हो चुके हैं। टैंकरों को जब जब्त किया गया था उस समय 53 हजार किलो गैस भरी थी।
गड़बड़ी के बाद एसपी ने की कार्रवाई की अनुशंसा
महासमुंद एसपी प्रभात कुमार ने 1 मई को कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर कहा है कि ठाकुर पैट्रोकैमिकल्स के संचालक संतोष ठाकुर और उसके पुत्र सार्थक ठाकुर ने ही इस मामले में गड़बड़ी की है। इस मामले में पैट्रोकैमिकल्स के सुरक्षा गार्ड, मैनेजर ऑफिस और लोडिंग-अनलोडिंग करने वालों के भी बयान लिए जाए। चिट्ठी में यह भी कहा है कि टैंकर मालिक को टैंकरों के साथ ही चोरी गई एलपीजी भी मिलनी चाहिए।
