Close Menu
    What's Hot

    गुजरात से पंजाब तक की रेकी, 17 फोन में 183 वीडियो-फोटो; समीर को पाक से यहां CCTV लगाने का मिला था टास्क

    इन पांच राशियों को मिलेगा भाग्य का भरपूर साथ, नौकरी-व्यापार में बढ़ेंगे बेहतर अवसर

    बस्तर को नई उड़ान: 31 मार्च से फिर शुरू होगी जगदलपुर-रायपुर फ्लाइट, हैदराबाद से भी कनेक्टिविटी

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Lead 18
    • होम
    • सिटी न्यूज़
    • छत्तीसगढ़
    • भारत
    • देश – विदेश
    • मनोरंजन
    • राजनीति
    • खेल जगत
    News Lead 18
    Home » करमा तिहार 2025 : सीएम साय बोले – संस्कृति और परंपरा ही हमारी असली पहचान, इन्हें संजोना सबकी जिम्मेदारी
    छत्तीसगढ़

    करमा तिहार 2025 : सीएम साय बोले – संस्कृति और परंपरा ही हमारी असली पहचान, इन्हें संजोना सबकी जिम्मेदारी

    News Lead 18By News Lead 18September 4, 2025
    Share Facebook Twitter Telegram Email Copy Link WhatsApp
    Follow Us
    YouTube WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp

    रायपुर : सीएम विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है।

    Mahua Moitra Statement: अमित शाह पर ‘सिर कलम’ टिप्पणी के बाद अब महुआ मोइत्रा ने रायपुर पुलिस को कहा बेवकूफ

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया।

    Operation Sindoor : आतंकी ठिकानों को ऐसे किया तबाह, सेना ने दिखाईं ऑपरेशन सिंदूर की अनदेखी झलकियां; VIDEO

    मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। श्री कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

    Raipur Drugs Case: ड्रग्स पैडलर नव्या मलिक की रिमांड खत्म, जांच में कई बड़े नामों का खुलासा

    संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

    Related posts:

    1. महासमुंद में महिला सशक्तिकरण पर विशेष कार्यक्रम, डॉ. एकता लंगेह ने किया संबोधित
    2. राज्यपाल के काफिले से हादसा: महिला की मौत, कार्यक्रम रद्द
    3. Indian Railways: दीपावली-छठ पर 12,000 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाएगी भारतीय रेल, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
    Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp
    Previous ArticleMahua Moitra Statement: अमित शाह पर ‘सिर कलम’ टिप्पणी के बाद अब महुआ मोइत्रा ने रायपुर पुलिस को कहा बेवकूफ
    Next Article SECL कॉलोनी में हंगामा: बंद क्वार्टर में दो युवतियों संग रंगेहाथ पकड़ा गया कर्मचारी, महिला कांस्टेबल ने सिखाया सबक

    Related Posts

    छत्तीसगढ़

    बस्तर को नई उड़ान: 31 मार्च से फिर शुरू होगी जगदलपुर-रायपुर फ्लाइट, हैदराबाद से भी कनेक्टिविटी

    छत्तीसगढ़

    रायपुर जिले के आरंग विकासखंड स्थित चंद्रखुरी धाम में माता कौशल्या महोत्सव 2026 का मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया शुभारंभ,

    छत्तीसगढ़

    छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने की तैयारी, स्क्रिप्ट समिति गठन की दिशा में पहल तेज

    Latest Posts

    गुजरात से पंजाब तक की रेकी, 17 फोन में 183 वीडियो-फोटो; समीर को पाक से यहां CCTV लगाने का मिला था टास्क

    इन पांच राशियों को मिलेगा भाग्य का भरपूर साथ, नौकरी-व्यापार में बढ़ेंगे बेहतर अवसर

    बस्तर को नई उड़ान: 31 मार्च से फिर शुरू होगी जगदलपुर-रायपुर फ्लाइट, हैदराबाद से भी कनेक्टिविटी

    रायपुर जिले के आरंग विकासखंड स्थित चंद्रखुरी धाम में माता कौशल्या महोत्सव 2026 का मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया शुभारंभ,

    छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने की तैयारी, स्क्रिप्ट समिति गठन की दिशा में पहल तेज

    छत्तीसगढ़: दुर्ग में दर्दनाक हादसा, धमधा इलाके में बस और बाइक की टक्कर, दो लोगों की हुई मौत

    गरियाबंद में कच्चे हीरों की तस्करी का खुलासा, ग्राहक तलाशते पकड़ा गया आरोपी

    जग्गी हत्याकांड की फाइल एक बार फिर खुली एक अप्रैल को हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई,

    बिलासपुर के सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि, जिंदा दफनाए गए सैकड़ों पक्षी, 5000 की हुई थी मौत

    खल्लारी रोपवे हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 2, महासमुंद के गोविंद स्वामी ने अस्पताल में तोड़ा दम

    Trending Posts
    Facebook X (Twitter) WhatsApp Instagram

    Laxman Sen

    Editor 

    Mobile – 8818866551
    Email- newslead18@gmail.com

    Useful Link

    • Privacy Policy
    • Term and Conditions
    • Disclaimer
    • Contact Us
    • About Us
    Develop By Nimble Technology

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.