नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उन राज्यों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है, जहां मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा हो चुका है। अभियान के तहत मतदाता सूची से छूटे लोगों के साथ-साथ पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है। जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या किसी कारण से सूची से हट गया है, वे पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग के मुताबिक, विशेष अभियान का उद्देश्य ऐसे मतदाताओं की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में शामिल होने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
इसके लिए आयोग ने 1 अक्टूबर को सभी संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को निर्देश जारी किए हैं। बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) को मौजूदा मतदाता सूची की तुलना SIR से पहले की मतदाता सूची से करने को कहा गया है।
BLO उन मतदाताओं की पहचान करेंगे, जिनके नाम पहले की मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं। इसके साथ ही पहली बार मतदान करने वाले पात्र युवा मतदाताओं की भी पहचान कर उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विपक्षी दलों और कुछ नागरिक समाज संगठनों की ओर से सवाल उठाए गए हैं। इसी पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग का यह विशेष अभियान छूटे हुए और नए पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने पर केंद्रित है।
