CG Swine Flu Case: छत्तीसगढ़ में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 344 हो गई। स्वाइन फ्लू का सबसे अधिक असर राजधानी रायपुर में देखने को मिल रहा है। प्रदेश के 344 कुल मामलों में 146 मरीज रायपुर के हैं, यानी करीब 42 प्रतिशत मामले जिले से जुड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग की पिछली रिपोर्ट के अनुसार एक्टिव मरीज बढ़कर 122 हो गए और अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 90 पहुंच गई।
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कहीं आप भी तो संक्रमित नहीं?
स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य वायरल या मौसमी फ्लू जैसे ही नजर आते हैं। यही वजह है कि लोग शुरुआत में इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज कर सकते हैं। अगर आपको अचानक बुखार के साथ खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और असामान्य कमजोरी महसूस हो रही है तो इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।
बुखार और लगातार खांसी हो तो सावधान
H1N1 संक्रमण में बुखार और खांसी प्रमुख लक्षणों में शामिल हो सकते हैं। इसके साथ गले में खराश, शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी भी महसूस हो सकती है। हर व्यक्ति में सभी लक्षण एक जैसे हों, यह जरूरी नहीं है। इसलिए लगातार बने रहने वाले फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
सांस लेने में दिक्कत सबसे अहम चेतावनी
अगर बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगे तो इसे गंभीर चेतावनी संकेत माना जाना चाहिए। सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई होने पर घर पर खुद से इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासकर लक्षण बिगड़ने की स्थिति में चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
शरीर में दर्द और ज्यादा कमजोरी भी संकेत
स्वाइन फ्लू में बुखार और श्वसन संबंधी लक्षणों के साथ शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान भी हो सकती है। कई लोगों को सामान्य काम करने में भी कमजोरी महसूस हो सकती है। यदि फ्लू जैसे लक्षण लगातार बने हुए हैं और आराम के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है।
संक्रमित व्यक्ति से ऐसे फैल सकता है H1N1
स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली श्वसन बूंदों और नजदीकी संपर्क के जरिए फैल सकता है। इसलिए फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचना और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। लक्षण दिखने पर दूसरों के संपर्क में अनावश्यक रूप से आने से भी बचना चाहिए।
