Electricity Price Hike in CG: छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य में बिजली दरों में 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरों का असर घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों और किसानों तक सभी पर पड़ेगा। बिजली दरों में वृद्धि के बाद अब उपभोक्ताओं को हर महीने ज्यादा बिजली बिल चुकाना होगा।बिजली नियामक आयोग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। बढ़ी हुई दरें लागू होने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानदारों, छोटे व्यवसायों और कृषि क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है। नई दरों के तहत घरेलू बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 पैसे से 50 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर लाखों परिवारों के मासिक बिजली बिल पर दिखाई देगा। गर्मी और बारिश के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने के कारण अब उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ सकता है। मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।
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गैर-घरेलू यानी व्यवसायिक और व्यावसायिक कनेक्शनों के लिए भी बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। इसका असर दुकानों, छोटे उद्योगों, कार्यालयों, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली खर्च बढ़ने से कई छोटे व्यवसायों की संचालन लागत में इजाफा हो सकता है। राज्य के किसानों के लिए भी यह फैसला राहत भरा नहीं है। कृषि पम्पों के लिए बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि राज्य सरकार किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत राहत देती है, लेकिन बिजली दरों में वृद्धि का असर कृषि लागत पर पड़ सकता है। विशेष रूप से वे किसान जिनकी सिंचाई व्यवस्था बिजली आधारित पम्पों पर निर्भर है, उन्हें अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई 6.23 प्रतिशत की वृद्धि का असर राज्य के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बढ़ी हुई दरों के चलते आने वाले महीनों में बिजली बिलों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार जिन परिवारों और प्रतिष्ठानों की बिजली खपत अधिक है, उनके मासिक खर्च में अपेक्षाकृत ज्यादा वृद्धि होगी।
