साइबर अपराधी लोगों को फ्रॉड का शिकार बनाने के लिए नए-नए पैंतरे आजमाते रहते हैं। हाल ही में सरकार ने साइबर अपराधियों के ऐसे ही नए पैंतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। गृह मंत्रालय की साइबर सिक्योरिटी विंग I4C ने अपनी चेतावनी में बताया कि क्रिमिनल्स साइबर क्राइम पोर्टल की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों के साथ फ्रॉड कर रहे हैं। फर्जी वेबसाइट पर लोगों को डिवाइस को अनब्लॉक करवाने के लिए पेमेंट करने के लिए कहा जाता है, जिसके बाद उनकी डिटेल्स चुराकर फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा है।
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फर्जी वेबसाइट के जरिए ठगी
I4C Cyber Dost ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इसे लेकर चेतावनी जारी की है। अपने पोस्ट में I4C ने बताया कि साइबर अपराधी राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को अपनी जाल में फंसा रहे हैं। अगर कोई साइबर क्राइम को कैसे रिपोर्ट करें सर्च कर रहा है तो उन्हें साइबर क्रिमिनल्स द्वारा बनाई गई फर्जी वेबसाइट दिखाई देती है। इस वेबसाइट के होम पेज पर पेमेंट करने का ऑप्शन मिलता है।
साइबर दोस्त ने अपनी चेतावनी में कहा कि फर्जी वेबसाइट का स्क्रीनशॉट भेजकर ये दावा किया जा रहा है कि उनका डिवाइस ब्लॉक हो गया है। इसे अनब्लॉक करने के लिए पेमेंट करना होगा। I4C साइबर दोस्त ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि आपको घबराने की जरूरत नहीं है और कोई पेमेंट नहीं करना है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- साइबर दोस्त ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह के साइबर क्राइम को रिपोर्ट करना है तो वो गूगल पर साइबर क्राइम पोर्टल को सर्च न करें। वो डायरेक्टली Cybercrime.gov.in टाइप करके वेबसाइट ओपन करें।
- इसके अलावा फर्जी वेबसाइट के जरिए किए जाने वाले डिवाइस ब्लॉक वाले मैसेज को इग्नोर कर दें।
- सरकार कभी भी किसी से पॉप-अप या अनजान लिंक के जरिए पेमेंट करने के लिए नहीं कहती है। ऐसे में यूजर्स को इस बा का ध्यान रखना चाहिए।
- इस तरह की फर्जी वेबसाइट को रिपोर्ट करें। साइबर क्राइम पोर्टल पर दिए गए Check & Report सेक्शन में जाकर वो इन फर्जी वेबसाइट्स को रिपोर्ट कर सकते हैं।
- अगर, आपके साथ किसी भी तरह का फ्रॉड हो गया है तो आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल के अलावा नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
