Swine Flu Alert: राजधानी में स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। रायपुर में स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों की संख्या 108 पहुंच गई है। वहीं प्रदेशभर में अब तक 251 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। सोमवार को प्रदेश में 16 नए संक्रमित मिले, इनमें 8 मरीज रायपुर के रहने वाले हैं। फिलहाल 67 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, जबकि 22 मरीज होम आइसोलेशन में रहकर उपचार करा रहे हैं। इस तरह प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 89 है। राहत की बात यह है कि जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।
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प्रदेशभर में बढ़ रहे मरीज
राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सामने आए मामलों में कुछ मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री भी मिली है। ऐसे मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को बीमारी के लक्षणों पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का जोर इस बात पर है कि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके और मरीज के संपर्क में आए लोगों में बीमारी न फैले।
H1N1 वायरस में नहीं हुआ म्यूटेशन
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए एक राहत वाली बात यह है कि फिलहाल एच1एन1 वायरस के स्वरूप में किसी तरह का बदलाव यानी म्यूटेशन सामने नहीं आया है। डॉक्टरों के अनुसार वायरस में म्यूटेशन होने पर बीमारी के स्वरूप में बदलाव आ सकता है और संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है। वर्तमान में पुराने स्वरूप के वायरस से ही संक्रमण फैल रहा है। यही वजह है कि अधिकांश मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं।
कई मरीज घर पर ही हो रहे ठीक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू के कई मरीजों में लक्षण हल्के हैं और वे घर पर रहकर भी उपचार से ठीक हो रहे हैं। हालांकि पहले से किसी बीमारी से पीड़ित मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच और उपचार कराया जाना जरूरी है।
सर्दी-खांसी के साथ सांस लेने में दिक्कत तो कराएं जांच
आंबेडकर अस्पताल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. आरके पंडा के अनुसार स्वाइन फ्लू के कई मरीजों में माइल्ड लक्षण देखने को मिल रहे हैं। हालांकि जिन मरीजों को पहले से कोई बीमारी है, उनमें संक्रमण गंभीर भी हो सकता है। ऐसे मरीज इलाज के बाद ठीक भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, गले में खराश के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो उसे स्वाइन फ्लू की जांच के लिए स्वाब टेस्ट कराना चाहिए। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार मिलने से मरीज के जल्द स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है।
सावधानी बरतना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को सर्दी-खांसी या फ्लू जैसे लक्षण होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने, बीमार होने पर दूसरों से दूरी रखने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच व उपचार कराने से संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है। खासकर बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
