नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही और अभिनेता संजय दत्त के गाने ‘सरके चुनरी तेरी’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने सोमवार को सुनवाई की। जिसमें नोरा फतेही को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम मौका दिया गया था। वहीं, खलनायक फेम संजय दत्त आयोग के समक्ष पेश हुए।
50 आदिवासी बालिकाओं की पढ़ाई का उठाएंगे खर्च
सुनवाई के दौरान कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के विवादित गाने ‘सरके चुनर तेरी…’ को लेकर फिल्म अभिनेता संजय दत्त सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के सामने पेश हुए। उन्होंने बिना शर्त माफी मांगी। साथ ही 50 ट्राइबल बालिकाओं की पढ़ाई का खर्च उठाने का शपथपत्र दिया।
उनके वकील हेमंत शाह के मुताबिक जब गाने की शूटिंग हो रही थी, तब यह कन्नड़ में थी। बाद में इसे हिंदी में डब किया गया, जो उनकी जानकारी में नहीं था।
बीते 6 अप्रैल को हुई थी सुनवाई
दरअसल, अयोग ने इस गाने के कथित आपत्तिजनक और अश्लील बोलों पर स्वतः संज्ञान लिया था। इससे पहले 6 अप्रैल को हुई सुनवाई में नोरा फतेही की ओर से उनके वकील पेश हुए थे, लेकिन आयोग ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
वहीं, अभिनेत्री को खुद उपस्थित होने का निर्देश दिया था। आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर ने सुनवाई के दौरान गाने के बोलों पर गंभीर आपत्ति जताई थसी। उन्होंने कहा कि ऐसे गीत महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं और ‘रचनात्मकता के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।’
क्या है ‘सरके चुनर तेरी’ गाने का विवाद?
इस मामले में गीतकार रकीब आलम, निर्देशक प्रेम और प्रोडक्शन कंपनी के प्रतिनिधि भी आयोग के सामने पेश हुए। उन्होंने लिखित माफी देते हुए माना कि गाने का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और भविष्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करने का आश्वासन दिया।
विवादित गाना कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ का हिस्सा है, जिसे रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। बढ़ते विरोध के बाद इस गाने को यूट्यूब से हटा भी दिया गया है।
