नई दिल्ली : भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से सतह से सतह पर मार करने वाली मध्य दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का रात में सफल परीक्षण किया. सेना की स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड के तहत हुए इस यूजर ट्रायल ने सभी तकनीकी मानकों को पूरा किया. ठोस ईंधन से चलने वाली यह दो-स्तरीय मिसाइल 4,000 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ठिकाने को तबाह करने की मारक क्षमता रखती है, जिससे भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूती मिली है.
CG Rain Alert: अगले 48 घंटे संभलकर रहें, प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के आसार
क्यों उड़े हैं दुश्मनों के होश?
• पूरा चीन रेंज में: 4,000 किमी की मारक क्षमता का सीधा मतलब है कि भारत अब पूरे दक्षिण एशिया से लेकर चीन के सबसे सुदूर हिस्सों तक अचूक निशाना लगा सकता है. यह परीक्षण भारत के मिनिमम कैलेबल डिटरेंस के सिद्धांत को मजबूत करता है.
• क्विक रिस्पॉन्स टाइम: ठोस ईंधन से चलने के कारण इस मिसाइल को बहुत कम समय में तैयार करके मोबाइल लॉन्चर से दागा जा सकता है. यानी आपात स्थिति में दुश्मन को संभलने का मौका तक नहीं मिलेगा.
• सेना की 100% तैयारी: इस साल अग्नि-प्राइम और अग्नि-3 के सफल परीक्षणों के बाद अग्नि-4 का यह यूजर ट्रायल यह साबित करता है कि भारतीय सेना की स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड किसी भी समय और किसी भी परिस्थिति में इन परमाणु-सक्षम मिसाइलों के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.
