रायपुर आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर रहेंगे। वो शनिवार रात रायपुर पहुंचे और रविवार को सीधे जगदलपुर और फिर नेतानार गांव जाएंगे। कहा जा रहा है कि नक्सलवाद के कमजोर होने के बाद बस्तर में उनका ये पहला बड़ा दौरा है। नेतानार भी वही गांव है जिसे वीर शहीद गुंडाधुर से जोड़ा जाता है। यहां वो जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस केंद्र के जरिए ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं का लाभ एक ही जगह पर मिलेगा। दौरे को लेकर बस्तर में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है, जगदलपुर एयरपोर्ट और उसके आस-पास हलचल देखी जा रही है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकें लगातार चल रही हैं।
रायपुर में, सुबह अमित शाह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल पहुंचकर डायल-112 सेवा के लिए नए वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। करीब 400 वाहन इस व्यवस्था में शामिल किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब तक ये सेवा सीमित जिलों में थी, लेकिन भविष्य में इसे पूरे छत्तीसगढ़ तक बढ़ाने की योजना है। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी रवाना की जाएंगी। इनमें ऐसे उपकरण होंगे जो घटनास्थल पर ही शुरुआती वैज्ञानिक जांच करने में मदद करेंगे। सूत्रों की माने तो सरकार इसे कानून व्यवस्था और अपराध जांच को मजबूत करने का एक बड़ा कदम मान रही है। रायपुर कार्यक्रम के बाद, शाह विशेष विमान से जगदलपुर पहुंचेंगे और वहां से बीएसएफ हेलीकॉप्टर के जरिए नेतानार जाएंगे। दोपहर में वो अमर वाटिका जाकर नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। बस्तर में लंबे समय से सुरक्षा बलों की तैनाती और नक्सल ऑपरेशन चर्चा का विषय रहे हैं, इस कार्यक्रम को जवानों के मनोबल के साथ भी जोड़ा जा रहा है।
दोपहर बाद, जगदलपुर में बैठकों का सिलसिला शुरू होगा। बादल अकादमी में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा होगी। बताया गया है कि अलग-अलग विभाग प्रेजेंटेशन भी देंगे। शाम को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद, शाह ‘बस्तर के संग’ नाम के लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसमें बस्तर की पारंपरिक कला और नृत्य की प्रस्तुति होगी।
दूसरी ओर, सोमवार को होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के लिए तैयारियां तेज हैं। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और विकास योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। कांग्रेस ने इस दौरे को लेकर सवाल भी उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि यह बैठक वर्चुअल तरीके से भी हो सकती थी और इसके लिए बड़े खर्च की जरूरत नहीं थी। हालांकि भाजपा और राज्य सरकार इसे बस्तर के लिए अहम दौर मानती हैं। राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर अब तेजी से बदल रहा है और सुरक्षा कैंपों को आगे चलकर सुविधा केंद्रों में विकसित किया जाएगा।
