India nuclear weapons: साल 2026 में दुनिया में परमाणु बमों की संख्या का आंकड़ा सामने आ गया है। राहत देने वाली बात ये है कि साल 2025 के मुकाबले 2026 में दुनिया के परमाणु शस्त्रागार में कमी देखने को मिली है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रीसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि साल 2026 में वैश्विक परमाणु भंडार 12,187 वॉरहेड्स है। वहीं, 1 साल पहले 2025 में दुनिया का परमाणु भंडार 12,241 का था।
किन देशों के पास कितने परमाणु बम?
SIPRI का अनुमान है कि जनवरी 2026 में वैश्विक परमाणु बमों के भंडार 12,187 वॉरहेड्स था, जबकि एक वर्ष पहले यह संख्या 12,241 थी। रूस और अमेरिका के न्यूक्लियर वॉरहेड्स में कमी देखी गई है। हालांकि, दूसरी ओर चीन, फ्रांस और भारत के परमाणु भंडार में बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। इनमें सबसे बड़ी बढ़ोतरी फ्रांस के परमाणु शस्त्रागार में दिखाई जा रही है।
| देश | 2025 में परमाणु बमों की संख्या | 2026 में परमाणु बमों की संख्या |
| रूस | 5469 | 5420 |
| अमेरिका | 5177 | 5042 |
| चीन | 600 | 620 |
| फ्रांस | 290 | 370 |
| ब्रिटेन | 225 | 225 |
| भारत | 180 | 190 |
| पाकिस्तान | 170 | 170 |
| इजरायल | 90 | 90 |
| उत्तर कोरिया | 50 | 60 |
| कुल | 12241 | 12187 |
भारत ने बढ़ाई परमाणु बमों की संख्या
SIPRI की रिपोर्ट में भारत के लिए अनुमान लगाया गया है कि इस देश का परमाणु शस्त्रागार 2026 में बढ़कर 190 हो जाएगा। जबकि में साल 2025 में ये संख्या 180 वॉरहेड्स की थी। भारत के परमाणु शस्त्रागार में में ये बढ़ोतरी देश की रणनीतिक क्षमताओं के निरंतर विस्तार को दर्शाती है। भारत परमाणु बमों के मामले में पाकिस्तान से आगे है। पाकिस्तान का शस्त्रागार 2025 से लेकर 2026 तक 170 वॉरहेड्स पर बिना किसी बदलाव के रहने का अनुमान है।
SIPRI के अनुसार, दुनिया में परमाणु बमों की कुल संख्या में मामूली गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह प्रवृत्ति जल्द ही उलट सकती है क्योंकि देश नए परमाणु प्रणालियों की तैनाती में तेजी ला रहे हैं और पुराने वॉरहेड्स को नष्ट करने की प्रक्रिया को धीमा कर रहे हैं।
