सक्ती : जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट के बाहर ठेका श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। एनजीएसएल (NGSL) कंपनी के करीब 70 श्रमिक प्लांट के गेट नंबर-1 के सामने धरने पर बैठ गए। श्रमिकों ने प्रबंधन पर बिना लिखित सूचना दिए उन्हें काम से हटाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट में हुए बॉयलर हादसे के बाद स्थिति सामान्य होने के बजाय और बिगड़ गई है। हादसे के बाद से प्लांट में कामकाज प्रभावित हुआ है और इसी के चलते 200 से अधिक कर्मचारियों को कथित तौर पर रोजगार से हटा दिया गया है।
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उनका कहना है कि पहले यहां लगभग 400 ठेका श्रमिक कार्यरत थे, जिनमें से आधे से अधिक अब बेरोजगार हो गए हैं। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें किसी भी प्रकार की लिखित सूचना नहीं दी गई, बल्कि मौखिक रूप से काम से अलग कर दिया गया। इससे उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई श्रमिकों ने कहा कि लंबे समय से काम करने के बावजूद उन्हें हटाए जाने से परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो गया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सभी प्रभावित श्रमिकों को पुनः काम पर रखा जाए या उन्हें किसी अन्य एजेंसी में समायोजित किया जाए।
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साथ ही उन्होंने मई और जून माह का लंबित वेतन, तीन महीने का अतिरिक्त मुआवजा, कार्य अनुभव प्रमाण पत्र, एनओसी, पीएफ, ईएसआईसी और बोनस सहित सभी देयकों के तत्काल भुगतान की मांग की है। इस मामले में वेदांता पावर प्लांट के पीआरओ दीपक विश्वकर्मा ने बताया कि सभी श्रमिक एनजीएसएल कंपनी के ठेका अंतर्गत कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की ओर से एनजीएसएल अधिकारियों को श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रबंधन के अनुसार एनजीएसएल कंपनी ने श्रमिकों के बकाया भुगतान जल्द करने का आश्वासन दिया है। इसी आश्वासन के बाद श्रमिकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
