Close Menu
    What's Hot

    NEET Protest Case: जंतर-मंतर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले सभी छात्रों की तत्काल रिहाई का आदेश

    Pakistan Election Violence: प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना की फायरिंग, 19 की मौत, कई घायल

    IND vs SL Test Series से पहले टीम इंडिया खेलेगी एक और मैच, जानिए कब और किसके खिलाफ होगा मुकाबला

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Lead 18
    • होम
    • सिटी न्यूज़
    • छत्तीसगढ़
    • भारत
    • देश – विदेश
    • मनोरंजन
    • राजनीति
    • खेल जगत
    News Lead 18
    Home » जंक फूड की चपेट में बचपन: हर तीसरा बच्चा शिकार; मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी की बनी नई वजह
    स्वस्थ्य

    जंक फूड की चपेट में बचपन: हर तीसरा बच्चा शिकार; मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी की बनी नई वजह

    News Lead 18By News Lead 18July 28, 2026Updated:July 28, 2026
    Share Facebook Twitter Telegram Email Copy Link WhatsApp
    Follow Us
    YouTube WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp

    अगर आप उस बच्चे के माता-पिता हैं जो पिज्जा-बर्गर और कोल्ड ड्रिंक का सेवन बहुत करते हैं, तो ये रिपोर्ट आपकी चिंता बढ़ा सकती है. आपको बता दें कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) की एक नई और चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक/जूस बच्चों की सेहत के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके हैं. रिपोर्ट के अनुसार, देश में 5 से 19 साल के करीब 4.1 करोड़ बच्चे अधिक वजन या मोटापे से परेशान हैं. हालत इतनी खराब है कि लगभग 10% बच्चे प्री-डायबिटीज के शिकार हैं. 1% किशोरों को डायबिटीज हो चुकी है. 5% किशोर हाई ब्लड प्रेशर (BP) से जूझ रहे हैं. आसान शब्दों में कहें तो आज हर तीसरा बच्चा किसी न किसी बीमारी का शिकार हो चुका है.

    19 दिन बाद फिर मैदान में उतरेगी टीम इंडिया, जानिए कब और किससे होगा अगला मुकाबला

    आखिर क्यों बच्चों का दुश्मन बन रहा है यह HFSS फूड?

    जंक फूड को वैज्ञानिक भाषा में HFSS (High Fat, Sugar and Salt) कहा जाता है. यानी ऐसे खाने की चीजें जिनमें फैट, चीनी और नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. चिप्स, पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज, मोमो, कोल्ड ड्रिंक और पैकेट बंद स्नैक्स में न्यूट्रिशन ना के बराबर होता है और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है. इन्हें रोज खाने से वजन तेजी से बढ़ता है. आगे चलकर यही मोटापा डायबिटीज, दिल की बीमारी, हाई बीपी और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों की वजह बनता है.

    14 साल में 150% बढ़ गया जंक फूड का बाजार-

    रिपोर्ट बताती है कि भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का मार्केट बहुत तेजी से फैला है. साल 2006 में जो बाजार सिर्फ 0.9 अरब डॉलर का था, वह 2019 तक बढ़कर 37.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया. 2009 से 2023 के बीच ऐसे अनहेल्दी खाने की बिक्री में 150 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है.

    CG Crime: अपहरण की वारदात नाकाम – नाकाबंदी से घबराया अपहरणकर्ता, बच्ची को छोड़कर फरार… पुलिस ने मासूम को सकुशल किया बरामद

    विज्ञापन और बच्चों की जिद-

    बच्चे खुद से दुकान पर जाकर जंक फूड नहीं मांगते, बल्कि उन्हें टीवी, मोबाइल, क्रिकेट मैच और सोशल मीडिया के जरिए लगातार ये विज्ञापन दिखाए जाते हैं.
    बच्चों के टीवी चैनलों पर आने वाले 90% विज्ञापन जंक फूड के होते हैं.
    क्रिकेट मैचों के दौरान 80% से ज्यादा एड्स स्वीट ड्रिंक और अनहेल्दी खान-पान के होते हैं. 92.6% माता-पिता का मानना है कि स्कूल-कॉलेज के आसपास जंक फूड बहुत आसानी से मिल जाता है.

    क्या कदम उठा रहे हैं बाकी देश?

    • दक्षिण कोरिया- टीवी पर जंक फूड के विज्ञापनों में 81% की कमी आई.
    • ब्रिटेन- बच्चों के सामने ऐसे विज्ञापनों का दिखना 37% कम हुआ.
    • नॉर्वे- 2026 से 18 साल से कम उम्र के बच्चों को टारगेट करने वाले डिजिटल विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगा दी है.

    अब भारत सरकार क्या कर सकती है?

    1. ICMR-NIN ने सरकार को कुछ कड़े कदम उठाने का सुझाव दिया है-
    2. हेल्थ टैक्स- सिगरेट और शराब की तरह ज्यादा फैट, चीनी और नमक वाले खाने पर भारी टैक्स लगाया जाए, ताकि जंक फूड महंगा हो और लोग पौष्टिक खाना चुनें.
    3. पैकेट पर बड़ी चेतावनियां- पैकेट के सामने साफ और बड़े अक्षरों में लिखा हो कि इसमें कितनी चीनी, फैट या नमक है.
    4. स्कूलों के पास रोक- स्कूल-कॉलेज के पास जंक फूड की बिक्री और विज्ञापनों पर सख्त पाबंदी लगाई जाए.

    कौन सा जंक फूड देता है कौन सी बीमारी?

    1. चिप्स / फ्रेंच फ्राइज- हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा
    2. बर्गर / पिज्जा- मोटापा, दिल की बीमारी
    3. कोल्ड ड्रिंक- डायबिटीज, फैटी लिवर
    4. केक / पेस्ट्री- मोटापा, हाई ब्लड शुगर
    5. टॉफी / चॉकलेट- दांतों की सड़न, मोटापा
    6. इंस्टेंट नूडल्स- हाई ब्लड प्रेशर, किडनी पर असर

    CG News: अब मनमानी नहीं चलेगी! राजधानी में तय स्थानों पर ही लगेंगे पोस्टर, नियम तोड़ा तो लगेगा भारी जुर्माना

    ​World Health Organization (WHO) यह रिपोर्ट बताती है कि मीठे पेय और जंक फूड पर हेल्थ टैक्स लगाने से लोगों की खान-पान की आदतें कैसे सुधारी जा सकती हैं.

    मेडिकल जर्नल ‘द लैनसेट’ की इस स्टडी अनुसार, 1990 से 2022 के बीच दुनिया भर के बच्चों और किशोरों में मोटापे की दर चार गुना से अधिक बढ़ गई है. इस दौरान भारत में भी पांच से 19 वर्ष की आयु के लगभग 1.25 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे या अत्यधिक वजन की समस्या से पीड़ित पाए गए.

    Related posts:

    1. रायपुर के डॉ. रवि जायसवाल ने स्पेन में लहराया परचम; न्यूरो-ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में हासिल की बड़ी उपलब्धि
    2. गर्मियों की सौगात या सेहत के लिए आफत? खाने से पहले पानी में क्यों भिगोनी चाहिए लीची, जानिए इसके फायदे और नुकसान
    3. अब खराब खाना बेचने वालों की खैर नहीं! FSSAI का Food Safety Connect App लॉन्च, एक शिकायत पर होगा एक्शन
    4. QDENGA Vaccine: भारत में लॉन्च हुई पहली डेंगू वैक्सीन, जानें किस उम्र के लोगों को लगेगी और कितनी डोज जरूरी
    Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp
    Previous ArticleCG Open School Exam Date: छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल ने जारी किया परीक्षा शेड्यूल, अगस्त में होंगी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं
    Next Article CJP का बड़ा ऐलान: मंगलवार तक गिरफ्तार छात्र नहीं छूटे तो फिर होगा प्रदर्शन, सौरव दास बोले- कपिल सिब्बल भी साथ

    Related Posts

    स्वस्थ्य

    शबाना आजमी को हुआ स्वाइन फ्लू, भीड़भाड़ में जाने से पहले जानें H1N1 के शुरुआती लक्षण और बचाव के तरीके

    स्वस्थ्य

    मानसून हेल्थ अलर्ट: बारिश के मौसम में इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा, ये लक्षण दिखें तो तुरंत बरतें सावधानी

    स्वस्थ्य

    Parents Alert! बच्चों से पहले खुद पर दें ध्यान! माता-पिता का बढ़ता स्क्रीन टाइम बना बच्चों की असुरक्षा की वजह: रिसर्च

    Latest Posts

    NEET Protest Case: जंतर-मंतर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले सभी छात्रों की तत्काल रिहाई का आदेश

    Pakistan Election Violence: प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना की फायरिंग, 19 की मौत, कई घायल

    IND vs SL Test Series से पहले टीम इंडिया खेलेगी एक और मैच, जानिए कब और किसके खिलाफ होगा मुकाबला

    मदननगर हिंसा पर पुलिस का बड़ा एक्शन: 150 ग्रामीणों पर FIR, SDOP समेत कई पुलिसकर्मी हुए थे घायल

    CG Weather Alert: मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बरसेंगे बादल

    CJP का बड़ा ऐलान: मंगलवार तक गिरफ्तार छात्र नहीं छूटे तो फिर होगा प्रदर्शन, सौरव दास बोले- कपिल सिब्बल भी साथ

    जंक फूड की चपेट में बचपन: हर तीसरा बच्चा शिकार; मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी की बनी नई वजह

    CG Open School Exam Date: छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल ने जारी किया परीक्षा शेड्यूल, अगस्त में होंगी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं

    डिजिटल सेफ्टी पर DoT का बड़ा कदम: अब देश में ही स्टोर होगा कॉल और मैसेज डेटा, टेलीकॉम कंपनियों के लिए नियम सख्त

    Free bus travel scheme: छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों को बड़ी सौगात, 80 साल से अधिक उम्र वालों को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा सुविधा

    Trending Posts
    Facebook X (Twitter) WhatsApp Instagram

    Laxman Sen

    Editor 

    Mobile – 8818866551
    Email- newslead18@gmail.com

    Useful Link

    • Privacy Policy
    • Term and Conditions
    • Disclaimer
    • Contact Us
    • About Us
    Develop By Nimble Technology

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.