बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मूकबधिर पीड़िता से रेप के मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। फिलहाल आरोपी जेल में बंद है। कोर्ट ने मूक बधिर पीड़िता की इशारों में दी गई गवाही को सच माना और आरोपी को सजा सुनाई है। यह फैसला हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में सुनाया गया है।
प्लास्टिक की गुड़िया के सहारे दिया बयान
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैसला देते हुए कहा कि केवल मूक-बधिर होने के आधार पर किसी गवाह की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता। संकेतों से दी गई जानकारी को भी कानूनी तौर पर मौखिक साक्ष्य माना जाएगा। हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी है। मामले में पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती थी, इसलिए उसकी गवाही के लिए प्लास्टिक की गुड़िया का सहारा लिया गया था।
क्या है मामला
मामला राज्य के बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र का है। पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती थी, इसलिए कोर्ट में प्लास्टिक की गुड़िया का सहारा लेकर उसने कोर्ट को बताया कि उसके साथ आरोपी ने किस तरह की गलत हरकत की है।
2020 की ही घटना
दरअसल, घटना 29 जुलाई 2020 की है। 20 साल की एक मूक-बधिर युवती अपने घर पर अकेली थी। उसके परिजन खेतों पर काम करने के लिए गए थे। तभी आरोपी घर में घुस गया। आरोपी की पीड़िता के परिवार से रिश्तेदारी है। इस दौरान उसने युवती के साथ रेप किया और मौके से फरार हो गया। पीड़िका के परिजन जब घर पहुंचे तो पीड़िता रो रही थी।
कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
इसके बाद पीड़िता ने अपनी मां को इशारों में अपनी आपबीती सुनाई। साथ ही आरोपी की भी पहचान भी बताई। जिसके बाद परिजन थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को सजा सुनाई थी लेकिन आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
