छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुसौर थाना क्षेत्र में तीन लोगों से कुल 20 लाख 4 हजार रुपये की ठगी की गई है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी विवेक कुमार को दुर्ग जिले से गिरफ्तार कर लिया है।
पीड़ित कुंजबिहारी पटेल ने 22 जनवरी को पुसौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि गोपालपुर निवासी सितेश पाणिग्राही ने उनसे संपर्क किया था। सितेश ने मंत्रालय में पहचान होने का झांसा देकर सरकारी नौकरी लगवाने का वादा किया। आरोपी ने अपने भाई का ऑनलाइन नियुक्ति पत्र दिखाकर विश्वास जीता। कुंजबिहारी पटेल ने अपनी जमीन बेचकर अप्रैल 2022 में 4 लाख 58 हजार 300 रुपये दिए। बाद में उन्होंने 3 लाख 69 हजार रुपये और आरोपी सितेश को दिए। नौकरी न मिलने पर सितेश पैसे वापस करने में टालमटोल करता रहा। बाद में पता चला कि सितेश ने अन्य व्यक्तियों से भी ठगी की है।
सितेश पाणिग्राही ने कुंजबिहारी पटेल के अलावा दो अन्य व्यक्तियों से भी ठगी की। उसने गांव के मुन्ना प्रसाद डनसेना से 3 लाख 77 हजार रुपये लिए। देवकुमार से भी आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस प्रकार कुल 20 लाख 4 हजार रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। प्रकरण के अन्य आरोपी सितेश पाणिग्राही की तलाश अभी भी जारी है।
आरोपी विवेक कुमार की गिरफ्तारी
पुसौर पुलिस ने गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी विवेक कुमार को दुर्ग से गिरफ्तार किया गया। रायगढ़ लाकर पूछताछ करने पर उसने नौकरी के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार की। उसके पास से एचडीएफसी बैंक का एक चेक, बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किया गया। पुलिस को आरोपियों द्वारा अन्य जिलों में भी ठगी करने की जानकारी मिली है।
