रायपुर: दिवाली से पहले छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वेतन भुगतान और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभों से जुड़े मामलों में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत आहरण एवं संवितरण अधिकारी यानी DDO के अधिकार संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को देने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक जानकारी मांगी गई है। विभाग द्वारा मांगी गई जानकारी के आधार पर आगे DDO अधिकार हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तय की जाएगी।
वेतन और रिटायरमेंट से जुड़े मामलों में आ रही थी परेशानी
मौजूदा व्यवस्था के कारण आत्मानंद स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों को वेतन भुगतान से जुड़े मामलों में देरी का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभों के प्रकरणों के निपटारे में भी दिक्कतें सामने आ रही थीं।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विभाग वित्तीय नियंत्रण और DDO से संबंधित अधिकारों को स्थानीय स्तर पर BEO को देने की दिशा में काम कर रहा है। विभाग का मानना है कि इससे वेतन और वित्तीय लाभ से जुड़े मामलों की प्रक्रिया अधिक सुगम हो सकेगी।
DEO से मांगी गई 11 बिंदुओं की जानकारी
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से ब्लॉकवार 11 बिंदुओं पर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें संबंधित ब्लॉक में संचालित आत्मानंद स्कूलों की संख्या, स्कूल संचालन की स्वीकृति, स्वीकृत पदों का सेटअप, कार्यरत कर्मचारियों की संख्या और पहले से दिए गए DDO अधिकार समेत अन्य आवश्यक जानकारी शामिल है।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर यह जानकारी विभाग को उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर DDO अधिकार BEO स्तर पर देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
शिक्षकों और कर्मचारियों को मिल सकती है राहत
यदि प्रस्ताव के अनुसार DDO अधिकार BEO को हस्तांतरित किए जाते हैं, तो आत्मानंद स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े वेतन तथा सेवानिवृत्ति लाभ के मामलों का निपटारा स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा। इससे संबंधित प्रकरणों में कागजी प्रक्रिया कम होने और काम में तेजी आने की उम्मीद है।
हालांकि, फिलहाल यह व्यवस्था प्रस्ताव के स्तर पर है। जिला शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद विभाग इसकी आगे की प्रक्रिया और अंतिम रूपरेखा तय करेगा।
