Tech News: Android स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बड़ी सुरक्षा चेतावनी सामने आई है। स्मार्टफोन में ‘SMS of Death’ नाम की एक गंभीर सिक्योरिटी खामी का पता चला है, जिसके जरिए साइबर अपराधी एक खास तरह का SMS भेजकर फोन की जरूरी सर्विस को क्रैश कर सकते थे। हैरानी की बात यह है कि इस हमले के लिए यूजर को मैसेज खोलने या किसी लिंक पर क्लिक करने की भी जरूरत नहीं थी। इस खामी को ठीक करने के लिए Google ने सिक्योरिटी फिक्स जारी कर दिया है। ऐसे में Android यूजर्स को अपने फोन की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
क्या है ‘SMS of Death’ सिक्योरिटी खामी?
‘SMS of Death’ एक Zero-Click सिक्योरिटी खामी है। इसका मतलब है कि साइबर अपराधियों को फोन पर हमला करने के लिए यूजर की किसी गलती का इंतजार नहीं करना पड़ता। एक खास तरीके से तैयार किया गया SMS फोन पर पहुंचते ही सिस्टम में गड़बड़ी पैदा कर सकता है।
जानकारी के मुताबिक, सिक्योरिटी रिसर्चर Mark Blaszczyk ने 5 मई 2026 को Google को इस खामी के बारे में बताया था। इसके बाद 29 अक्टूबर को इससे जुड़ी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक की गई।
एक SMS से कैसे क्रैश हो सकता था फोन?
यह खामी Android के टेलीकॉम फ्रेमवर्क में मौजूद WAP Push मैसेज प्रोसेसिंग सिस्टम से जुड़ी थी। इसमें डेटा की लंबाई जांचने की प्रक्रिया में गड़बड़ी थी। इसी वजह से विशेष रूप से तैयार किए गए मैसेज को प्रोसेस करते समय सिस्टम क्रैश हो सकता था।
इसका असर फोन के com.android.phone नाम के महत्वपूर्ण सिस्टम प्रोसेस पर पड़ता था। यह प्रोसेस कॉलिंग और मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों को संभालता है। इसके क्रैश होने से फोन की कॉल कट सकती थी और मोबाइल नेटवर्क सर्विस अस्थायी रूप से बंद हो सकती थी। इतना ही नहीं, इमरजेंसी कॉलिंग पर भी असर पड़ने का खतरा था।
इन स्मार्टफोन पर किया गया परीक्षण
रिसर्च के दौरान Google Pixel 9 और Samsung Galaxy सीरीज के कई स्मार्टफोन पर इस खामी का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इससे जुड़ा कमजोर कोड Android 12 से मौजूद था।
इस सिक्योरिटी खामी की एक और गंभीर बात यह थी कि खतरनाक मैसेज सामान्य SMS इनबॉक्स में दिखाई नहीं देता था। यानी यूजर को इसकी जानकारी भी नहीं मिलती थी कि उसके फोन पर कोई संदिग्ध मैसेज आया है।
परीक्षण के दौरान बार-बार ऐसे मैसेज भेजने पर कुछ डिवाइस की नेटवर्क सर्विस लंबे समय तक प्रभावित हुई। कुछ मामलों में फोन का सामान्य इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो गया। हालांकि, ये नतीजे नियंत्रित परीक्षण के दौरान सामने आए थे।
Google ने कैसे ठीक की यह समस्या?
इस खामी को CVE-2026-58882 के तहत दर्ज किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, Google ने 15 जून 2026 को Android के ओपन सोर्स कोड में बदलाव करके इस समस्या को ठीक किया था। इसके बाद सिक्योरिटी फिक्स डिवाइस बनाने वाली कंपनियों तक पहुंचाया गया।
इस अपडेट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी गलत तरीके से तैयार किए गए WAP Push मैसेज को प्रोसेस करते समय फोन का पूरा टेलीकॉम सिस्टम क्रैश न हो।
Android यूजर्स तुरंत करें ये काम
अगर आप Android स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, तो फोन को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतें।
- लेटेस्ट अपडेट इंस्टॉल करें: फोन की Settings में जाकर Software Update या System Update विकल्प चेक करें।
- सिक्योरिटी पैच चेक करें: देखें कि आपके स्मार्टफोन में नया सिक्योरिटी अपडेट उपलब्ध है या नहीं।
- फोन अपडेट रखें: Samsung, Xiaomi, OnePlus, Motorola और अन्य कंपनियों के यूजर्स अपने डिवाइस के लिए जारी अपडेट जरूर चेक करें।
- अपडेट को नजरअंदाज न करें: सिक्योरिटी अपडेट मिलने पर उसे जल्द से जल्द इंस्टॉल करें।
ध्यान रखें कि Google की ओर से फिक्स जारी होने के बाद भी अलग-अलग स्मार्टफोन कंपनियों के डिवाइस तक अपडेट पहुंचने में समय लग सकता है। इसलिए अपने फोन में उपलब्ध लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच जरूर चेक करें।
