CG Transport Fee Hike: छत्तीसगढ़ में मोटर वाहन से जुड़े काम कराने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में ज्यादा शुल्क देना होगा। परिवहन विभाग ने करीब 32 साल बाद विभिन्न परिवहन सेवाओं की फीस में संशोधन किया है। नई शुल्क दरों को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है और प्रकाशन की तारीख से ही इन्हें प्रभावी माना गया है।
नई दरों का असर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण कराने वाले वाहन मालिकों से लेकर बस, टैक्सी, मालवाहक और अन्य व्यावसायिक वाहन संचालकों तक पड़ेगा। सबसे बड़ी बढ़ोतरी बस परमिट के शुल्क में हुई है। पहले जहां बस परमिट के लिए 2,500 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब यह शुल्क बढ़कर 10,000 रुपये हो गया है।
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32 साल बाद परिवहन सेवाओं की फीस में संशोधन
परिवहन विभाग ने लंबे अंतराल के बाद मोटर यान से संबंधित अलग-अलग सेवाओं की शुल्क दरों में बदलाव किया है। अब डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस, लाइसेंस नवीनीकरण, ड्राइविंग बैज, मेडिकल प्रमाण पत्र और परमिट से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए संशोधित शुल्क देना होगा।
इसके अलावा परमिट के नवीनीकरण, परमिट में संशोधन, वाहन बदलने और परमिट को दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करने जैसी प्रक्रियाओं के लिए भी नई दरें लागू कर दी गई हैं।
राजपत्र में प्रकाशन के साथ लागू हुई नई दरें
नई शुल्क व्यवस्था को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इसके साथ ही परिवहन विभाग की संबंधित सेवाओं के लिए आवेदन करने वालों को अब संशोधित दर के अनुसार भुगतान करना होगा।
जिन वाहन मालिकों का ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस, परमिट या वाहन से जुड़ा कोई काम लंबित है, उन्हें आवेदन करने से पहले लागू शुल्क की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए।
खासकर व्यावसायिक वाहन संचालकों के लिए परमिट की वैधता और नवीनीकरण की तारीख पर ध्यान देना जरूरी होगा। समय पर परमिट का नवीनीकरण नहीं कराने पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ बढ़ सकता है।
बस, टैक्सी और मालवाहक वाहन संचालकों पर ज्यादा असर
फीस में संशोधन का असर यात्री बस, टैक्सी, मालवाहक और अन्य व्यावसायिक वाहनों के संचालकों पर अधिक पड़ सकता है। परमिट बनवाने से लेकर उसके नवीनीकरण और उसमें बदलाव कराने तक अब पहले से अधिक राशि खर्च करनी होगी।
खास तौर पर बस परमिट की फीस में चार गुना बढ़ोतरी होने से बस संचालकों के खर्च में सीधा इजाफा होगा। इससे परिवहन क्षेत्र में वाहन संचालन की कुल लागत पर भी असर पड़ सकता है।
परमिट नवीनीकरण में देरी होगी महंगी
नई व्यवस्था में परमिट की वैधता खत्म होने के बाद नवीनीकरण कराने पर देरी की अवधि के आधार पर अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है। 90 दिन, 180 दिन, 365 दिन और उससे अधिक की देरी के लिए अलग शुल्क व्यवस्था रखी गई है।
इसलिए व्यावसायिक वाहन मालिकों के लिए परमिट की वैधता समाप्त होने से पहले नवीनीकरण कराना जरूरी होगा। ज्यादा देरी होने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
किसानों और SC-ST आवेदकों को राहत
फीस बढ़ोतरी के बीच कुछ श्रेणियों के लिए राहत का प्रावधान भी रखा गया है। किसान के नाम पर दर्ज ट्रैक्टर या ट्रॉली से संबंधित परमिट प्रक्रिया के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा।
वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को निर्धारित शुल्क का 50 प्रतिशत ही देना होगा। इसके लिए संबंधित वर्ग का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
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आम वाहन मालिकों पर भी पड़ेगा असर
नई शुल्क व्यवस्था का असर केवल व्यावसायिक वाहन संचालकों तक सीमित नहीं है। आम वाहन मालिकों से जुड़ी कई परिवहन सेवाओं के लिए भी अब संशोधित शुल्क देना होगा।
इन सेवाओं में प्रमुख रूप से—
- डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस
- ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण
- ड्राइविंग बैज
- मेडिकल प्रमाण पत्र
- परमिट में संशोधन
- वाहन बदलने की प्रक्रिया
- परमिट ट्रांसफर
शामिल हैं।
इस तरह करीब 32 साल बाद शुल्क दरों में हुए संशोधन के बाद छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग से जुड़ी कई सेवाएं महंगी हो गई हैं। वाहन मालिकों और संचालकों को अब किसी भी सेवा के लिए आवेदन करने से पहले लागू नई फीस की जानकारी लेना जरूरी होगा।
