नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत खराब हो गई है। शनिवार को अभिजीत दीपके ने खुद एक्स पर एक वीडियो जारी कर अपनी सेहत के बारे में जानकारी दी। दीपके ने बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन बिना रुके जारी रहेंगे। X पर अपने वीडियो संदेश में, अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी बीमारी विरोध प्रदर्शनों को नहीं रोकेगी और उन्होंने चल रहे आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
वीडियो जारी की दी हेल्थ अपडेट
एक्स पर जारी वीडियो में अभिजीत दीपके ने कहा, “जैसे कि आप सभी को पता था कि पिछले कुछ दिनों से मेरी तबीयत खराब थी। अब मेरी ब्लड रिपोर्ट आ गई है और मुझे टाइफाइड हुआ है। मेरा इलाज चल रहा है। मैं सभी कॉकरोचों को धन्यवाद करना चाहता हूं जो देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन को इतना सफल बनाने के लिए आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद। मुझे पता है कि अगर हम ऐसे ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूर होगा।”
Have been diagnosed with typhoid, but the fight will go on until Dharmendra Pradhan resigns! pic.twitter.com/8iHSZdF6K7
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 25, 2026
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े CJP नेता
इससे पहले शुक्रवार को अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म करने के फैसले के बाद कहा कि पार्टी का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। पत्रकारों से बात करते हुए, दीपके ने वांगचुक की सेहत को लेकर राहत जताई, लेकिन परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन के मुख्य मुद्दे पर टिके रहे। दीपके ने कहा, “हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। हमें बहुत खुशी और राहत है कि सोनम सर ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है, क्योंकि उन्हें 26 दिन से ज़्यादा हो गए थे। उनकी जान इस देश के लिए बहुत कीमती है।”
वांगचुक ने ट्रोलर्स को दिया जवाब
दूसरी ओर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि उनके इस फैसले की सोशल मीडिया पर आलोचना की गई, जिसका उन्होंने जवाब भी दिया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज में, वांगचुक ने यह भी सवाल किया कि ये सब करने के बाद क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा… कि मेरा अनशन कितना पवित्र था। मैंने तोड़ा तो किसके हाथों तोड़ा उसके हाथों क्यों तोड़ा, इसके हाथों क्यों नहीं तोड़ा। क्या डील हुआ, क्या सौदा हुआ, ये सब मुझे जवाब देना होगा?
