छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है और आने वाले दिनों में इसका असर प्रदेशभर में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, वहीं कई स्थानों पर ओलावृष्टि और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। यह बदलाव 4 अप्रैल तक जारी रहने के संकेत हैं, जिससे भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के आसपास बना पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर प्रदेश से होते हुए छत्तीसगढ़ तक फैली द्रोणिका प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही है। इसके अलावा पूर्वी भारत में भी द्रोणिका सक्रिय है, जिससे वातावरण में नमी बढ़ रही है और स्थानीय स्तर पर बादल बन रहे हैं।
इन परिस्थितियों के कारण प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने, अंधड़ आने और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। हालांकि तापमान में बहुत बड़ी गिरावट नहीं होगी, लेकिन बादलों और बारिश के चलते दिन के तापमान में हल्की कमी दर्ज की जा सकती है।
राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है, लेकिन गर्मी का असर बना रहेगा। यहां अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री अधिक रहा।
वहीं प्रदेश के बस्तर और बिलासपुर संभाग में हाल ही में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सतर्कता बरतें।
