Close Menu
    What's Hot

    CG Crime News: पोस्ट ऑफिस एजेंट गिरफ्तार, RD खाते में रकम जमा कराने के नाम पर 150 खाताधारकों से करोड़ों की ठगी

    Bastar Dussehra schedule 2026: बस्तर दशहरा 2026 का आगाज आज से, पाट जात्रा पूजा के साथ शुरू होगा 75 दिवसीय ऐतिहासिक पर्व

    Hareli Public Holiday: आज छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक छुट्टी, स्कूल-कॉलेज से लेकर सरकारी दफ्तर तक रहेंगे बंद

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Lead 18
    • होम
    • सिटी न्यूज़
    • छत्तीसगढ़
    • भारत
    • देश – विदेश
    • मनोरंजन
    • राजनीति
    • खेल जगत
    News Lead 18
    Home » 53 लाख MT पेट्रोलियम उपलब्ध, अब 41 देशों से कर रहे एनर्जी इंपोर्ट’; लोकसभा में बोले PM मोदी
    दिल्ली

    53 लाख MT पेट्रोलियम उपलब्ध, अब 41 देशों से कर रहे एनर्जी इंपोर्ट’; लोकसभा में बोले PM मोदी

    News Lead18By News Lead18March 23, 2026
    Share Facebook Twitter Telegram Email Copy Link WhatsApp
    Follow Us
    YouTube WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp

     

    ।नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग के बाद पश्चिम एशिया में आए संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार (23 मार्च, 2026) को लोकसभा में कहा कि भारत ने इन हमलों का विरोध किया है और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट अस्वीकार्य है।

    पीएम मोदी ने कहा कि भारत की स्पष्ट भूमिका है कि पश्चिम एशिया में तनाव खत्म होना चाहिए। भारत शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष है और नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। आइए जानते हैं, पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें-

    सरकार का किस बात पर रहा फोकस?

    पीएम मोदी ने कहा कि सरकार संवेदनशील भी है, सतर्क भी है और हर सहायता के लिए तत्पर भी है। भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी अनेक जरूरी चीजें हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आती हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध के बाद से ही हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके बावजूद हमारी सरकार का प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई बहुत ज्यादा प्रभावित न हो… इस पर हमारा फोकस रहा है।

    भारत के सामने कौन-कौन सी चुनौतियां?

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी भी हैं और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं।

    उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।

    भारतीयों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?

    पीएम मोदी ने कहा कि हमारे मिशन नियमित रूप से एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। यहां भारत में और अन्य प्रभावित देशों में 24×7 कंट्रोल रूप और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से सभी प्रभावितों को त्वरित जानकारी दी जा रही है।

    उन्होंने बताया कि संकट की इस स्थिति में देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख, 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं।

    संकट के समय भारत क्या करने वाला है?

    प्रधानमंत्री ने संसद में बताया कि बीते दशक में भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को भी प्राथमिकता दी है। आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व है और 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक के रिजर्व की व्यवस्था पर देश काम कर रहा है। बीते 11 वर्षों में हमारी रिफाइनरी कैपेसिटी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार अलग अलग देशों के सप्लायर्स के साथ भी लगातार संपर्क में है।

    भारत की क्या तैयारी है?

    पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते दिनों हॉर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं। संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी भी है, जो बहुत काम आ रही है। पिछले 11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्रॉन्डिग पर अभूतपूर्व काम हुआ है।

    उन्होंने कहा कि एक दशक पहले तक देश में सिर्फ एक से डेढ़ प्रतिशत इथेनॉल बैंडिंग कैपसिटी थी। आज हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल बैंडिंग के करीब पहुंच रहे हैं। इसके कारण प्रति वर्ष करीब साढ़े 4 करोड़ बैरल कम ऑयल इम्पोर्ट करना पड़ रहा है।

    खेती पर कैसा पड़ेगा प्रभाव?

    लोकसभा में पीएम ने कहा कि एक बड़ा सवाल ये है कि युद्ध का खेती पर क्या प्रभाव होगा। देश के किसानों ने हमारे अन्न के भंडार भर रखे हैं, इसलिए भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न है। हमारा ये भी प्रयास है कि खरीफ सीजन की ठीक से बुआई हो सके। सरकार ने बीते सालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था भी की है।

    युद्ध का चैलेंज

    उन्होंने कहा कि युद्ध का एक बहुत बड़ा चैलेंज ये भी है कि भारत में गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है। आने वाले समय में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी। फिलहाल देश के सभी पावर प्लांट्स में कोल स्टॉक उपलब्ध है। भारत ने लगातार दूसरे साल 100 करोड़ टन कोयला उत्पादन करने का रिकॉर्ड बनाया है। पावर जेनेरेशन से लेकर पावर सप्लाई तक की हमारे सभी सिस्टम की निरंतर मॉनिटरिंग भी की जा रही है।

    दुनिया में एकजुटता की जाए आवाज

    प्रधानमंत्री ने कहा कि ये आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए। जबसे ये युद्ध शुरू हुआ है, तबसे ही प्रभावित क्षेत्रों में हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने खुद पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है। दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हुई है और कुछ लोग घायल हुए हैं। ऐसे मुश्किल हालात में परिवारजनों को मदद दी जा रही है।

    कितने देशों से हो रहा ईंधन का आयात?

    पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि पहले 27 देशों से आयात होता था अब 41 देशों से होता है। तेल की चुनौती से निपटने के लिए साथ ही लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म प्लान पर काम हो रहा है। हमने एस मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है।

     

    Related posts:

    1. भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की जल्द होगी घोषणा, अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक संभावित ऐलान
    2. क्रैश कर गईं सोने की कीमतें, 8000 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा गोल्ड
    Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp
    Previous Articleरायपुर में कैसे मिलेगा PNG कनेक्शन? डॉक्यूमेंट से फीस तक… जानिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
    Next Article संकट के बीच भारत के लिए गुड न्यूज: दो LPG टैंकर जहाज पार कर रहे होर्मुज, अब गैस की नहीं होगी दिक्कत

    Related Posts

    दिल्ली

    मुंबई: पहले बिरयानी खाई, फिर तरबूज! एक साथ खत्म हो गया पूरा परिवार, 4 मौतें कैसे हुईं?

    दिल्ली

    दिल्ली में मैच के दौरान बड़ा हादसा एक तेज गेंदबाज कैच लेने की कोशिश में गंभीर रूप से घायल

    दिल्ली

    लोकतंत्र की बड़ी जीत, केंद्र की साजिश हुई नाकाम कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी केंद्र सरकार पर तीखा हमला

    Latest Posts

    CG Crime News: पोस्ट ऑफिस एजेंट गिरफ्तार, RD खाते में रकम जमा कराने के नाम पर 150 खाताधारकों से करोड़ों की ठगी

    Bastar Dussehra schedule 2026: बस्तर दशहरा 2026 का आगाज आज से, पाट जात्रा पूजा के साथ शुरू होगा 75 दिवसीय ऐतिहासिक पर्व

    Hareli Public Holiday: आज छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक छुट्टी, स्कूल-कॉलेज से लेकर सरकारी दफ्तर तक रहेंगे बंद

    CG Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया सिस्टम, छत्तीसगढ़ में 4 दिन भारी बारिश के आसार

    AIIMS Raipur Recruitment 2026: AIIMS रायपुर में ग्रुप-A के 121 पदों पर निकली भर्ती, 65,000+ सैलरी के लिए 16 अगस्त तक करें आवेदन

    Monsoon Health Tips: बारिश में गैस, अपच और ब्लोटिंग से बचना है? आयुष मंत्रालय ने बताया क्या खाएं, किन चीजों से करें परहेज

    रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! Train में सिगरेट-बीड़ी पीना और गुटखा-तंबाकू खाना पड़ेगा महंगा, अब देना होगा भारी जुर्माना

    Who Is Komal Rani Swarnkar: गोविंदा की 37 साल पुरानी शादी में आई दरार? कोमल रानी स्वर्णकार संग अफेयर की खबरों ने मचाई सनसनी

    CG Anganwadi Recruitment: इस जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर भर्ती, जानें आवेदन की आखिरी तारीख

    YouTube का बड़ा बदलाव! अब कमाई करना होगा मुश्किल, पूरा करना पड़ेगा नया क्राइटेरिया

    Trending Posts
    Facebook X (Twitter) WhatsApp Instagram

    Laxman Sen

    Editor 

    Mobile – 8818866551
    Email- newslead18@gmail.com

    Useful Link

    • Privacy Policy
    • Term and Conditions
    • Disclaimer
    • Contact Us
    • About Us
    Develop By Nimble Technology

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.