Vitamin D Deficiency: जब भी शरीर में Vitamin D की कमी की बात होती है, तो आमतौर पर हड्डियों की कमजोरी को इससे जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, एक हालिया रिसर्च में सामने आया है कि Vitamin D की कमी का असर हार्ट की कोशिकाओं पर भी पड़ सकता है।
रिसर्च के मुताबिक, शरीर में Vitamin D का स्तर कम होने पर हार्ट की कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस उस स्थिति को कहा जाता है, जब शरीर में हानिकारक फ्री रेडिकल्स और उन्हें नियंत्रित करने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स के बीच संतुलन बिगड़ जाता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है।
हार्ट की कोशिकाओं में बढ़ा ऑक्सीडेटिव डैमेज
अध्ययन में Vitamin D की कम मात्रा पाने वाले चूहों में हार्ट के अंदर ऑक्सीडेटिव डैमेज ज्यादा पाया गया। इसके साथ ही शरीर को कोशिकाओं को नुकसान से बचाने वाले कुछ महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट एंजाइमों की गतिविधि में भी कमी देखी गई।
रिसर्च के दौरान ग्लूटाथियोन के स्तर में भी कमी दर्ज की गई। ग्लूटाथियोन शरीर में मौजूद एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में मदद करता है। इसके स्तर में कमी कोशिकाओं की सुरक्षा क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
Nrf2 Pathway पर भी असर
रिसर्च में Vitamin D की कमी और Nrf2 Pathway के बीच भी संबंध देखा गया। Nrf2 शरीर की एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करने वाले महत्वपूर्ण जैविक तंत्रों में से एक है।
अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, Vitamin D की कमी की स्थिति में इस सुरक्षा तंत्र की गतिविधि प्रभावित हो सकती है। इससे हार्ट की कोशिकाओं की ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
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Vitamin D क्यों है जरूरी?
Vitamin D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह मांसपेशियों और इम्यून सिस्टम समेत शरीर की कई सामान्य प्रक्रियाओं में भी भूमिका निभाता है।
हालांकि, इस रिसर्च के नतीजे मुख्य रूप से पशु-अध्ययन पर आधारित हैं। इसलिए इसे सीधे इंसानों में हार्ट की बीमारी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। Vitamin D की कमी को लेकर किसी तरह की जांच या सप्लीमेंट लेने का फैसला डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना उचित है।
