दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह फर्जी ड्रग लाइसेंस के जरिए प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप मंगवाकर उसकी अवैध बिक्री कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ई-कुरियर और इंडिया मार्ट के जरिए मंगाते थे सिरप
पुलिस को 23 अप्रैल को सूचना मिली थी कि भिलाई के जुनवानी-खम्हरिया रोड क्षेत्र में कुछ लोग प्रतिबंधित नशीली सिरप का परिवहन कर रहे हैं। सूचना के आधार पर स्मृतिनगर चौकी और एसीसीयू टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक सेण्ट्रो कार को घेराबंदी कर रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 7 कार्टून में भरी 800 नग कोडीन युक्त CADIFOS-T सिरप बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फर्जी ड्रग लाइसेंस बनाकर गुजरात की कंपनी से इंडिया मार्ट और ई-कुरियर के माध्यम से यह सिरप मंगाते थे।
फर्जी दस्तावेज बनाकर करते थे अवैध बिक्री
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी योगेश शर्मा ने एक असली ड्रग लाइसेंस में एडिटिंग कर नकली लाइसेंस तैयार किया था। इसके साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनवाकर प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई हासिल की जाती थी। बाद में इन सिरप को ऊंचे दामों पर स्थानीय युवाओं को बेचा जाता था।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में योगेश शर्मा (41 वर्ष) – दुर्ग, उमेश कुमार यादव (42 वर्ष) – चरोदा, भिलाई, महावीर जैन उर्फ रोहित (38 वर्ष) – दुर्ग, सतीश मेश्राम (40 वर्ष) – दुर्ग सहित इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
लगभग 5 लाख रुपये का माल जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल करीब 5 लाख रुपये का सामान जब्त किया है, जिसमें 800 नग प्रतिबंधित कोडीन सिरप (कीमत ₹2,08,800), एक सेण्ट्रो कार, एक एक्टिवा, 4 मोबाइल फोन, नकद राशि शामिल हैं।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 22, 8(ख), 27(क) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी मादक पदार्थों या नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
