राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री के उद्बोधन को सुना और महिला आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह पहल देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने के साथ लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना नए भारत की दिशा को दर्शाता है। उनका मानना है कि जब महिलाएं निर्णय प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल होंगी, तब विकास अधिक संतुलित और समावेशी होगा।
उन्होंने आगामी दिनों में संसद में होने वाली ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को राजनीति और नीति निर्माण में व्यापक अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं को हमेशा सम्मानजनक स्थान मिला है और आज सरकार की योजनाएं उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण जैसे फैसलों से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है।
उन्होंने ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बना रही है। साथ ही प्रदेश में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जाना भी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी राष्ट्र भी सशक्त बनेगा।
