संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक विमान से जुड़ी कथित हाईजैकिंग साजिश को लेकर नई जानकारी सामने आई है। जांच के मुताबिक, दुबई से तेल अवीव जा रहे यात्री विमान को हाईजैक कर इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराने की योजना बनाई गई थी। बताया जा रहा है कि यह साजिश अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमलों से प्रेरित थी।
UAE के अटॉर्नी-जनरल हमद सैफ अल शम्सी के अनुसार, इस साजिश का कथित आरोपी 29 वर्षीय ओमानी को-पायलट हमम अल हम्मामी था। वह फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में सवार था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी की योजना 30 सितंबर को विमान पर कब्जा कर हमले को अंजाम देने की थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर योजना को अंजाम देने से पहले रास्ते और एयरपोर्ट की जानकारी जुटाने के लिए दो बार तेल अवीव की यात्रा की थी।
भारतीय कैप्टन पर किया गया हमला
घटना के दौरान विमान की कमान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के हाथों में थी। UAE अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला किया और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। हालांकि, कैप्टन ने उसका विरोध किया।
इस दौरान रिजर्व पायलट, केबिन क्रू के एक सदस्य और यात्रियों ने भी कथित हाईजैकिंग की कोशिश को नाकाम करने में मदद की।
रिजर्व पायलट ने संभाला विमान, तबुक में सुरक्षित लैंडिंग
कैप्टन पर हमले के बाद रिजर्व पायलट ने विमान का नियंत्रण संभाल लिया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। समय रहते विमान पर नियंत्रण हासिल होने से संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
साजिश में अन्य लोगों की भूमिका की जांच
UAE की जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। इसके अलावा, किसी अन्य व्यक्ति या संगठन से उसके संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।
जांच रिपोर्ट में सामने आई जानकारी के बाद विमान को हाईजैक करने की कथित योजना और उसे विफल करने में फ्लाइट क्रू तथा यात्रियों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। मामले में जांच जारी है।
