राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि उरला इलाके में घर से बम बनाने का सामान मिला है। वहीं एक दिन पहले मेकाहारा के पास हुए गैंगवार में घंटों तक सड़क पर चाकू, तलवार और फरसा लहराए गए। गोली मारकर दो युवतियों की हत्या और पुराने विधानसभा के पास व्यापारी से एक करोड़ रुपए की लूट जैसी घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार दावा कर रही है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था नियंत्रण में है, लेकिन राजधानी समेत पूरे प्रदेश में अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। आखिर अपराध किस स्तर तक पहुंचने के बाद सरकार मानेगी कि कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। सरकार से कानून व्यवस्था नहीं संभल रही है। उन्होंने रायपुर को चाकूपुर बताया।
कांग्रेस बोली- राजधानी में रोज तीन हत्या की घटनाएं
उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोज लूट, चोरी, डकैती, चाकूबाजी और हत्या की घटनाएं हो रही हैं। रायपुर में हालात ऐसे हो गए हैं कि अपराधी खुलेआम सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर लोगों पर हमला कर रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। भाजपा सरकार बनने के बाद राजधानी में औसतन रोज तीन हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं।
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर कांग्रेस का हमला
सुशील आनंद शुक्ला ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामूहिक दुष्कर्म और मासूम बच्चियों के साथ दुराचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रोज प्रदेशभर से तीन से चार गंभीर घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे प्रदेश शर्मसार हो रहा है।
रायपुर को बताया चाकूपुर
सुशील आनंद ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय खत्म हो चुका है। राह चलते लोगों पर चाकू से हमला किया जा रहा है और सरेआम गोलीबारी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद राजधानी में गोलीबारी की आठ घटनाएं हो चुकी हैं।
उन्होंने रायपुर को “चाकूपुर” बताते हुए कहा कि प्रदेश के लगभग हर शहर में हत्या की घटनाएं आम हो गई हैं।
कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता नहीं
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था है ही नहीं। अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री दोनों ही प्रदेश की कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
