पश्चिम बंगाल में BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में नया दावा किया गया है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात सजिश के साथ हत्या की गई। पुलिस को शक है कि इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं।
इस वारदात से बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद सियासी हिंसा का डर फिर लौट आया है। पुलिस के सीनियर अफसर के मुताबिक कई टीमें जांच में जुटी हैं। 3 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इधर, हत्या में इस्तेमाल की गई दूसरी बाइक भी बरामद कर ली गई है। यह बाइक गुरुवार रात बारासात में 11 नंबर रेल गेट इलाके के पास मिली। यह बाइक पहले दमदम इलाके से चोरी हुई थी।
चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 42 साल के चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम अपने घर जा रहे थे। हमलावर ने उन्हें सीने में दो और पेट में एक गोली मारी।
13 साल में अपने 3 करीबियों को खो चुके हैं सुवेंदु
2013 में जब सुवेंदु तृणमूल में थे। तब उनके निजी सहायक प्रदीप झा की मौत हुई थी। हालांकि, जांचकर्ताओं ने मौत को सामान्य माना था। इसके बाद 2018 में उनके पीएसओ शुभव्रत चक्रवर्ती मृत मिले थे। पुलिस ने इसे आत्महत्या माना। इसके बाद 2021 में सुवेंदु के एक और पर्सनल असिस्टेंट पुलक लाहिड़ी की भी असामान्य परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

पीए हत्याकांड में अब तक के अपडेट्स
- विधानसभा भंग: CM पद से इस्तीफा देने से इनकार कर रहीं ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है। राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी। इसका कार्यकाल 7 मई की रात खत्म हो रहा था।
- हमलावरों की कार-बाइक मिली: पुलिस ने एक छोड़ी गई छोटी कार जब्त की, जिसकी नंबर प्लेट फर्जी निकली। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। हमले में दो बाइक शामिल थीं। इनमें से एक घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली। उस पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन था।
भाजपा विधायक बोले- मैंने कराहने की आवाज सुनी, दोबारा कॉल किया तो नहीं उठा
भाजपा विधायक शंकर घोष ने दावा किया कि जब चंद्रनाथ को गोली मारी गई उस वक्त वे उनके साथ फोन पर बात कर रहे थे। शंकर घोष बोले कि हम लोग आगामी शपथ ग्रहण की बात कर रहे थे। तभी फोन पर गोलियों की आवाज सुनाई दी। फिर किसी के करहाने की आवाज आई। इस बीच मेरा फोन कट गया। दोबारा कॉल किया तो नहीं उठा।
शंकर घोष बोले- अनजान ने फोन उठाकर बताया कि चंद्रनाथ को गोली लगी
घोष ने बताया कि बुधवार रात करीब 10 बजे वे उल्टाडांगा से लौट रहे थे। उस वक्त वे फोन पर रथ से बात कर रहे थे। गृह मंत्री अमित शाह के दौरे और शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के बारे में चर्चा हो रही थी।
अचानक गोलियों की आवाज आई, फिर करहाने की। मैंने रथ को बार-बार फोन किया, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। फिर एक मैसेज भेजा और पूछा, ‘क्या तुम ठीक हो?’ कोई जवाब नहीं आया। थोड़ी देर बाद मैंने फिर फोन किया, तो किसी अनजान व्यक्ति ने कॉल उठाया और मुझे बताया कि चंद्रनाथ को गोली मार दी गई है।
रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास कार स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी।से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक कार और दो बाइक पर सवार तीन लोग पीछे जाते दिखे।
बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंड फायरिंग की।
कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए।
कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त की, लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी
हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस तरह के मॉडर्न हथियार का इस्तेमाल कोई आम अपराधी नहीं करते। जिस तरह से हमला हुआ, उसे कोई प्रोफेशनल शूटर ही अंजाम दे सकता है।
सुवेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे
चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। सुवेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था।
चंद्रनाथ 2019 में सुवेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब सुवेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है।
चंद्रनाथ शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से पढ़ाई पूरी की थी। कई सालों तक सुवेंदु के करीबी होने के बावजूद वे सुर्खियों से दूर ही रहते थे।
