राजधानी में औषधि प्रशासन विभाग ने दिन में कार्रवाई की और देर शाम के बाद कार्रवाई का नतीजा फेल हो गया। दरअसल, विभाग ने दिन में की गई कार्रवाई के दौरान मॉन्जारो इंजेक्शन पर विशेष ध्यान देते हुए इस दवा के स्टॉक और खरीदी बिक्री की जांच की। इस दौरान कुछ मेडिकल स्टोर्स में इसके लिए कार्रवाई भी की गई।
यह वही दवा है, जिसके लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने विशेष निर्देश जारी कर कहा है कि जीएलपी-1 श्रेणी की दवाएं केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जाएं। रिटेलर्स और होलसेलर्स को इनके स्टॉक और बिक्री का नियमित रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह इसलिए क्योंकि इन दवाओं का उपयोग मूल रूप से शुगर के इलाज के लिए किया जाता है, लेकिन अब इनका इस्तेमाल तेजी से वजन कम करने के लिए भी किया जा रहा है। इसे देखते हुए सोमवार की कार्रवाई में इस दवा की विशेष जांच की गई।
इसके बाद देर शाम पड़ताल की तो पता चला दिन की कार्रवाई के बाद शाम को वही दवा फिर से बिना पर्ची के धड़ल्ले से बिकने लगी। इस दौरान पता चला कि पंडरी, देवेंद्र नगर, पुरानी बस्ती और फाफाडी में बिना पर्ची वेट लॉस दवाएं बेची जा रहीं, डोज व विकल्प भी दुकानदार तय कर रहे।
बिना पर्ची बिक रहे इंजेक्शन और टैबलेट..
पंडरी: पंडरी कपड़ा मार्केट के पास स्थित एक दवा दुकान में जब टीम ने ‘मॉन्जारो’ इंजेक्शन मांगा, तो दुकानदार ने बिना किसी पर्ची के अपने स्टाफ को दवा निकालने के लिए कह दिया। पूछने पर उसने बताया कि यह वजन घटाने में मदद करता है और फिलहाल इसकी काफी डिमांड है।
देवेंद्र नगर: देवेंद्र नगर के एक मेडिकल स्टोर में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने पर दुकानदार ने वैकल्पिक दवा देने की पेशकश की। उसने मोटापा कम करने के नाम पर एक टैबलेट दी और दावा किया कि इसका फार्मूला समान है तथा यह भी वजन घटाने में सहायक है।
पुरानी बस्ती: पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पास एक दवा दुकान में दवा मांगने पर दुकानदार ने पहले डोज (2 एमजी या 5 एमजी) पूछा और खुद ही 2 एमजी लेने की सलाह दी। रेट पूछने पर उसने स्टाफ से कहा कि ग्राहक को गोदाम ले जाकर कीमत बता दी जाए।
फाफाडीह: फाफाडीह इलाके की एक दवा दुकान में स्टॉक उपलब्ध नहीं था, लेकिन दुकानदार ने कहा कि एक घंटे में दवा मंगवाकर उपलब्ध करा दी जाएगी। उसने नंबर लेकर घर तक डिलीवरी देने का आश्वासन भी दिया, जो नियमों की अनदेखी है
अधिक मात्रा में लेने से दिक्कत, हार्मोनल असंतुलन का भी खतरा यह दवाएं मूल रूप से इंसुलिन आधारित होती हैं, जो शुगर कंट्रोल करने के लिए उपयोग में लाई जाती हैं। हालांकि, इन्हें वजन कम करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले यह काफी महंगी थी, लेकिन अब पेटेंट फ्री होने के कारण इसका रेट कम हो गया है। इसलिए भी इसका मार्केट में चलन बढ़ा है।
लेकिन इनका सेवन केवल डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए। यह भूख कम करती हैं, जिससे शरीर में आवश्यक विटामिन और मिनरल्स की कमी हो सकती है और स्थायी कमजोरी आ सकती है। अधिक मात्रा में लेने पर उल्टी, पेट संबंधी समस्याएं और हार्मोनल असंतुलन का खतरा भी बढ़ जाता है।
फ्रैंक रॉस फार्मेसी की देवेंद्र नगर शाखा सील, खम्हारडीह में बिक्री पर रोक
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 15 दिवसीय सघन जांच अभियान के तहत राजधानी में बड़ी कार्रवाई की है। देवेंद्र नगर स्थित फ्रैंक रॉस फार्मेसी की शाखा में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उसे सील कर दिया गया है। वहीं खम्हारडीह के अशोका रतन शाखा में फार्मासिस्ट के बिना दवा बिक्री तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दौरान देवेंद्र नगर शाखा में पंजीकृत फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। एनडीपीएस दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड भी संधारित नहीं था। भौतिक स्टॉक और कंप्यूटर इन्वेंट्री में बड़ा अंतर पाया गया। साथ ही मॉन्जारो और वेगोवी जैसी दवाओं के स्टॉक में भी विसंगतियां मिलीं।
इन उल्लंघनों को देखते हुए बिक्री पर रोक लगाकर शाखा को सील किया गया है और सिस्टम अपडेट व सत्यापन तक संचालन बंद रहेगा।खम्हारडीह की शाखा में भी फार्मासिस्ट नहीं मिला। यहां विभाग ने बिना फार्मासिस्ट दवा बिक्री रोकने के निर्देश दिए हैं।
