रायपुर। रायपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के मुख्य आरोपित विकास नरेन्द्र शुक्ला (32) को महाराष्ट्र के शोलापुर से गिरफ्तार किया है। आरोपित मूलतः अहमदाबाद (गुजरात) का निवासी है और अवैध काल सेंटर के जरिये अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी करता था।
पुलिस टीम ने गुजरात, गोवा, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र में लगातार दबिश देकर अंततः शोलापुर से उसे गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चार मोबाइल फोन, चार एटीएम कार्ड और पैन कार्ड जब्त किए गए हैं।
आरोपित ने पूछताछ में बताया कि वह डार्क वेब, स्काइप, लिंक्डइन और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्म के जरिये अमेरिकी नागरिकों का डेटा खरीदता था। इसके बाद रायपुर के पिथालिया कांप्लेक्स और न्यू राजेन्द्र नगर के अंजनी टावर में चल रहे फर्जी काल सेंटर के माध्यम से उन्हें लोन और क्रेडिट स्कोर सुधारने का झांसा दिया जाता था और ठगी के जाल में फंसा कर ठगा जाता था।
पहले 42 आरोपित हुए थे गिरफ्तार
दरअसल, 25 मार्च को पुलिस ने इंटेलिजेंस बेस्ड आपरेशन के तहत सुभाष नगर स्थित पिथालिया कांप्लेक्स और न्यू राजेन्द्र नगर के अंजनी टावर में एक साथ छापेमारी कर तीन काल सेंटरों का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में 42 आरोपितों को गिरफ्तार कर 67 मोबाइल, 18 लैपटाप, 28 कंप्यूटर सेट और अन्य उपकरण जब्त किए गए थे।
गिफ्ट कार्ड के जरिये वसूली, डराने के लिए फर्जी वारंट
आरोपित लोगों से गिफ्ट कार्ड के जरिये पैसे मंगवाता था और जो लोग भुगतान नहीं करते थे, उन्हें फर्जी कानूनी नोटिस और वारंट भेजकर डराया जाता था। ठगी की रकम को यूएसडीटी के जरिये ’प्रोसेसिंग चैनल’ से भारतीय मुद्रा में बदलकर गिरोह में बांटा जाता था।
पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार विकास शुक्ला वर्ष 2019 में पुणे में भी अवैध काल सेंटर के जरिये ठगी के मामले में जेल जा चुका है, इसके बावजूद वह दोबारा इसी तरह के अपराध में सक्रिय हो गया। मामले में गंज और न्यू राजेन्द्र नगर थानों में आइटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज है।
