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    Home » माओवादी हिंसा खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है
    छत्तीसगढ़

    माओवादी हिंसा खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है

    News Lead18By News Lead18April 4, 2026
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    रायपुर: माओवादी हिंसा के खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार अब बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा कर रही है। वर्तमान में बस्तर क्षेत्र में लगभग 60 हजार सुरक्षा बल तैनात हैं, जो स्थिति सामान्य होने तक अगले एक वर्ष तक यथावत रहेंगे।

    केंद्रीय और राज्य बलों की तैनाती

    इन 60 हजार सुरक्षा बलों में से करीब 40 हजार केंद्रीय सुरक्षा बल हैं, जबकि शेष 20 हजार राज्य के सुरक्षा बल शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद चरणबद्ध तरीके से बलों की वापसी शुरू की जाएगी।

    जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में कटौती

    राज्य में 300 से अधिक जनप्रतिनिधियों को दी गई विशेष सुरक्षा में तैनात लगभग 1,200 अतिरिक्त जवानों को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि सामान्य स्थिति में किसी को अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता न पड़े।

    ऐसे तय होती है सुरक्षा की श्रेणी

    राज्य में सुरक्षा का निर्धारण प्रोटेक्शन रिव्यू ग्रुप (PRG) की बैठक में होता है। रेंज के आइजी, संबंधित जिले के कलेक्टर और एसपी सुरक्षा की अनुशंसा करते हैं। गृह विभाग को प्रस्ताव भेजने के बाद खुफिया विभाग (IB) की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा श्रेणी तय की जाती है।

    राजनीतिक बयानबाजी तेज

    इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के अनुसार सशस्त्र माओवाद समाप्त हो चुका है, तो अतिरिक्त सुरक्षा बलों की जरूरत क्यों है। इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    सुरक्षा वापसी की शुरुआत

    प्राथमिक चरण में राजिम के विधायक रोहित साहू, बिंन्द्रानवागढ़ के विधायक जनक ध्रुव और पूर्व विधायक डमरुधर साहू की सुरक्षा से अतिरिक्त बल हटाने की चर्चा सामने आई है।

    सुरक्षा श्रेणियों का निर्धारण

    राज्य में सुरक्षा श्रेणियों का निर्धारण प्रोटेक्शन रिव्यू ग्रुप (पीआरजी) की बैठक में किया जाता है। इसमें रेंज आईजी, जिला कलेक्टर और एसपी सुरक्षा की सिफारिश करते हैं। इसके बाद गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा जाता है, जहां खुफिया विभाग (आईबी) की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाता है।

    वर्तमान सुरक्षा स्थिति

    प्रदेश में 13 अति-विशिष्ट व्यक्तियों को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है। इसके अलावा 38 लोगों को जेड, 35 को वाई प्लस और 121 नेताओं को एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। बस्तर संभाग के 43 भाजपा नेताओं को हाल ही में विशेष कमांडो सुरक्षा दी गई थी।

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