रायपुर । आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि और बदहाल बिजली व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला हुए आज 2 अप्रैल को बिरगांव के बिजली ऑफिस का घेराव कर अपनी 6 सूत्री मांगो पर वितरण कंपनी के एमडी के नाम ज्ञापन दिया । पार्टी ने कहा कि सरकार को जनता पर बार-बार बिजली दर बढ़ाकर आर्थिक बोझ डालने के बजाय बिजली उत्पादन और प्रबंधन सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती, स्मार्ट मीटर तकनीक का दुरुपयोग, और लगातार खराब प्रबंधन से आम जनता त्रस्त है। यह स्थिति दर्शाती है कि ऊर्जा विभाग पूरी तरह ब्यूरोक्रेट्स के प्रभाव में काम कर रहा है, जिससे जनहित की अनदेखी हो रही है।
नए टेंडर सिस्टम पर गंभीर सवाल
AAP ने हाल ही में लागू किए गए नए टेंडर सिस्टम को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
पार्टी ने कहा कि यह पूरा सिस्टम अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है और यही कारण है कि अघोषित बिजली कटौती की समस्या,
विभाग के एमडी की लापरवाही
और लगातार खराब प्रबंधन
के कारण प्रदेश की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है।
AAP की प्रमुख मांगें:
प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए
बिजली विभाग के वर्तमान एमडी को तुरंत बदला जाए
बड़े अधिकारियों के कार्यों की कड़ी समीक्षा की जाए
टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए
स्मार्ट मीटर व्यवस्था में सुधार कर जनता को राहत दी जाए
अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए।
आम आदमी पार्टी सरकार को चेतावनी देती है कि यदि सरकार बिजली दर वृद्धि करती है और प्रदेश के बड़े बकायादारों सरकारी विभाग लगभग 3100 करोड़ और हजारों करोड़ निजी उद्योगपतियों से सरकार पेंडिंग बिजली बिल की वसूली या बिजली कनेक्शन नहीं काटती है तो 1 मई 2026 के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जाकर उनका बिजली कनेक्शन काटेंगे।

आम आदमी पार्टी की ओर से आज के घेराव में सूरज उपाध्याय, मुन्ना बिसेन, दुर्गा झा,अनुषा जोसेफ, कलावती मार्को, स्वाति तिवारी, सीमा झा, जयदीप खनूजा, मिहिर कुर्मी,इमरान खान, पलविंदर पन्नू, राज शर्मा,सागर क्षीरसागर, अज़ीम खान, शिव शर्मा, मिथलेश साहू,पुनारद निषाद, डॉ. विजय देवांगन, विनोद चंद्राकर आदि सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।
