छत्तीसगढ़ देश में बिजली खपत के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से पड़ोसी राज्य बिहार में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (टीओडी) टैरिफ लागू किया जा रहा है, जिसके बाद संकेत मिल रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में भी जल्द ही यही व्यवस्था लागू हो सकती है। इस नई प्रणाली के तहत अब बिजली का बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि आप किस समय बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार बिजली दरें पूरे दिन एक समान नहीं रहेंगी, बल्कि मांग के आधार पर अलग-अलग समय पर बदलती रहेंगी। जब बिजली की खपत ज्यादा होगी, उस दौरान दरें महंगी होंगी, जबकि कम खपत वाले समय में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। इसका सीधा उद्देश्य बिजली ग्रिड पर दबाव कम करना और उपभोक्ताओं को संतुलित खपत के लिए प्रेरित करना है।
इस टैरिफ सिस्टम में दिन को तीन हिस्सों में बांटा गया है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय उपभोक्ताओं के लिए सबसे फायदेमंद माना गया है, जहां बिजली उपयोग पर सामान्य दर से करीब 20 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है। वहीं शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक का समय पीक आवर्स रहेगा, जिसमें बिजली उपयोग करने पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत तक अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस बदलाव से उपभोक्ताओं को अपनी खपत की योजना बनाने का मौका मिलेगा। यदि लोग भारी बिजली उपकरण जैसे वॉशिंग मशीन, गीजर, मोटर या प्रेस दिन के समय चलाते हैं, तो वे अपने मासिक बिल में अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर और मोबाइल एप के जरिए उपभोक्ता अपनी खपत पर नजर रख सकेंगे और उसी हिसाब से उपयोग तय कर पाएंगे।
फिलहाल यह नियम केवल स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं पर ही लागू होगा। बताया जा रहा है कि चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है और आने वाले महीनों में इस व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा। पहले भी अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए इस तरह का प्रावधान किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका था।
