बिलासपुर जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनाए रखने और इसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत लागू किया गया है
जारी निर्देशों के अनुसार, अब पेट्रोल पंप संचालक बिना अनुमति किसी भी उद्योग को डीजल नहीं दे सकेंगे। अगर किसी विशेष परिस्थिति में जरूरत होती है, तो संबंधित क्षेत्र के एसडीएम या तहसीलदार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा
सामान्य लोगों के लिए भी नियम तय किए गए हैं। अब पेट्रोल-डीजल केवल सीधे वाहनों में ही भरा जाएगा, किसी डिब्बे या अन्य पात्र में ईंधन देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। वहीं, कृषि कार्य, जनरेटर और छोटे उद्योगों के लिए डीजल पहले की खपत के आधार पर ही दिया जाएगा और उसका अलग से रिकॉर्ड रखना होगा।
कलेक्टर ने पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन पर भी कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। सभी पेट्रोल पंपों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच होगी। अगर कहीं अवैध परिवहन या कालाबाजारी पाई जाती है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इन आदेशों के पालन के लिए जांच दल भी बनाया गया है, जो जिले में लगातार निरीक्षण करेगा। कलेक्टर ने साफ कहा है कि ये निर्देश तुरंत प्रभाव से लागू हैं और सभी को इनका सख्ती से पालन करना होगा।
