Close Menu
    What's Hot

    लैलूंगा में अफीम कांड : छत्तीसगढ़ में सत्ता संरक्षण में पनप रहा नशे का साम्राज्य? — उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, आप

    यूएनआई के महिला पत्रकारों से बदसलूकी, देश में प्रेस स्वतंत्रता पर कुठाराघात-मिहिर कुर्मी, प्रदेश मीडिया प्रभारी, आप

    कर्मचारी चयन मंडल विधेयक को मिली मंजूरी, लंबी चर्चा के बाद विधानसभा सत्र समाप्त

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Lead 18
    • होम
    • सिटी न्यूज़
    • छत्तीसगढ़
    • भारत
    • देश – विदेश
    • मनोरंजन
    • राजनीति
    • खेल जगत
    News Lead 18
    Home » Gandhi Jayanti 2025: ‘भारत के बंटवारे के बाद पाकिस्तान में रहना चाहते थे महात्मा गांधी’, चौंका देगी यह वजह
    देश - विदेश

    Gandhi Jayanti 2025: ‘भारत के बंटवारे के बाद पाकिस्तान में रहना चाहते थे महात्मा गांधी’, चौंका देगी यह वजह

    News Lead 18By News Lead 18October 2, 2025
    Share Facebook Twitter Telegram Email Copy Link WhatsApp
    Follow Us
    YouTube WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp

    Gandhi Jayanti 2025: आज 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की 156वीं जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। 15 अगस्त, 1947 की रात को हमारा देश आजाद हुआ था लेकिन इसी दौरान हमारे देश का बंटवारा भी हो गया और दुनिया में पाकिस्तान नाम के एक नए मुल्क का जन्म हुआ। ये देश इस्लाम के नाम पर बना था। बहुत से लोगों का ये भी मानना रहा है कि महात्मा गांधी देश के बंटवारे के लिए जिम्मेदार थे। कट्टरपंथी दक्षिणपंथियों का ऐसा मानना ​​है कि महात्मा गांधी ने मुसलमानों को खुश करने की जिन्ना की मांग को स्वीकार कर लिया था।

    CG NEWS: अफसरों के घरों पर चोरो का धावा, 50 लाख की चोरी कर फरार हुए चोर, संगठित गिरोह पर शक

    पड़ोसी मुल्क में बसना चाहते थे महात्मा गांधी लेकिन क्यों?

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महात्मा गांधी आजादी के दौरान खुद भी पाकिस्तान जाना चाहते थे। ये सच है कि गांधी आजादी के बाद हमारे पड़ोसी मुल्क में बसना चाहते थे। लेकिन उनकी इस इच्छा के पीछे कई कारण हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर की किताब ‘गांधीज हिंदुज्म: द स्ट्रगल मोस्ट जिन्ना इस्लाम’ में लिखा है कि महात्मा गांधी 15 अगस्त, 1947 में आजादी का पहला दिन पाकिस्तान में बिताना चाहते थे। उनके ऐसा करने के पीछे का कारण उनका इस्लाम के नाम पर बने पाकिस्तान को समर्थन देना नहीं था। साथ ही ये भी कहा जाता है कि उस वक्त के नेताओं ने महात्मा गांधी की पाकिस्तान यात्रा की घोषणाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया था।

    गांधी को बंटवारे पर नहीं था भरोसा

    बुक के अनुसार, महात्मा गांधी भारत के विभाजन और एक सीमा के निर्माण में विश्वास नहीं करते थे। वह हिंदू धर्म के थे और मानते थे कि भारत में सभी धर्मों का सहअस्तित्व होना चाहिए। उन्होंने भारत के विभाजन को थोड़े समय तक रहने वाला पागलपन भी बताया था। महात्मा गांधी ने अपनी 1990 में आई किताब हिंद स्वराज में कहा है, ‘अगर हिंदू मानते हैं कि वह उसी स्थान पर रहेंगे जहां केवल हिंदू रहते हैं तो वह सपनों की दुनिया में जी रहे हैं। भारत को अपना देश बनाने वाले सभी हिंदू, मुसलमान, पारसी और ईसाई हमवतन हैं। एक राष्ट्रीयता और एक धर्म दुनिया के किसी भी हिस्से में पर्यायवाची नहीं है और न ही यह कभी भारत में रहा है।’

    जिन्ना धर्म के नाम पर चाहते थे देश

    एक तरफ महात्मा गांधी अपनी हिंदू विचारधारा के साथ मानते थे कि भारत में सभी धर्मों के लोग एक साथ रह सकते हैं। तो दूसरी तरफ जब देश को आजादी मिली तो मोहम्मद अली जिन्ना ने इस्लाम के नाम पर एक नया देश बनाने की मांग की। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियिम 1947 के तहत दो आधुनिक राष्ट्र बनाए गए, एक भारत और दूसरा पाकिस्तान। यह मुस्लिम राष्ट्र की परिकल्पना के अनुरूप ही था। उस वक्त भारत का बंटवारा भी शांतिपूर्ण तरीके से नहीं हुआ। पाकिस्तान और भारत में बड़े स्तर पर दंगे हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में हिंदू और मुसलमान दोनों ने अपनी जान गंवाई थी।

    पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर की शिकायत पर कोरबा कलेक्टर के खिलाफ जांच तेज, शुक्रवार को आ सकता है रिपोर्ट

    महात्मा गांधी पाकिस्तान क्यों जाना चाहते थे?

    अब जान लेते हैं कि महात्मा गांधी पाकिस्तान क्यों जाना चाहते थे। एमजे अकबर की किताब के मुताबिक, आजादी के बाद महात्मा गांधी दोनों ही देशों के अल्पसंख्यकों को लेकर चिंतित थे। पाकिस्तान में हिंदू और भारत में मुसलमान अल्पसंख्यक थे। गांधी कई हिंसाग्रस्त इलाकों में गए। किताब में लिखा है, ‘गांधी पूर्वी पाकिस्तान के नोआखाली में रहना चाहते थे, जहां 1946 के दंगों में हिंदुओं ने सबसे अधिक अत्याचार झेला था। ऐसा दोबारा न हो, इसलिए गांधी वहां जाना चाहते थे।’ किताब में लिखा है कि गांधी ने 31 मई, 1947 में पठान नेता अब्दुल गफ्फार खान (फ्रंटियर गांधी के नाम से मशहूर थे) से कहा था कि वह पश्चिमी फ्रंटियर का दौरा करना चाहते हैं और आजादी के बाद पाकिस्तान में बसना चाहते हैं।

    किताब के मुताबिक, महात्मा गांधी ने कहा था, ‘मैं देश के बंटवारे को नहीं मानता। मैं किसी से इजाजत लेने नहीं जा रहा। अगर वो मुझे इसके लिए मारते हैं तो मैं हंसते हुए मौत को गले लगाऊंगा। अगर पाकिस्तान बनता है तो मैं वहां जाना चाहूंगा और देखूंगा कि वो मेरे साथ क्या करते हैं।’

    Related posts:

    1. प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में स्पेस और नारी शक्ति पर किया जोरदार बयान
    2. पंजाब कांग्रेस की रणनीतिक बैठक: भूपेश बघेल ने पार्टी मजबूती पर दिया जोर
    3. Donald Trump Hand Injury: क्या ट्रंप छिपा रहे हैं कोई गंभीर बीमारी? हाथ की हालत देख लोग हैरान
    4. Nikki Murder Case: विपिन के भाई ने खोली निक्की हत्याकांड की पोल, सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
    Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp
    Previous ArticleCG NEWS: अफसरों के घरों पर चोरो का धावा, 50 लाख की चोरी कर फरार हुए चोर, संगठित गिरोह पर शक
    Next Article शराब के नशे में ड्यूटी पर बैठा पुलिसकर्मी, दुर्गा उत्सव में सुरक्षा पर उठे सवाल

    Related Posts

    देश - विदेश

    Russia Ukraine War: रूस के 1300 ड्रोन और 1200 गाइडेड बम हमलों से दहल उठा यूक्रेन, जेलेंस्की बोले- दर्दनाक हमला

    देश - विदेश

    South Africa  Mass Shooting: दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग के पास अंधाधुंध फायरिंग, 3 बच्चों सहित 11 की जान गई, 20 घायल

    देश - विदेश

    Bomb Threat: बॉम्बे हाईकोर्ट समेत अदालतों, बैंकों और कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी, मुंबई से नागपुर तक अलर्ट

    Latest Posts

    लैलूंगा में अफीम कांड : छत्तीसगढ़ में सत्ता संरक्षण में पनप रहा नशे का साम्राज्य? — उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, आप

    यूएनआई के महिला पत्रकारों से बदसलूकी, देश में प्रेस स्वतंत्रता पर कुठाराघात-मिहिर कुर्मी, प्रदेश मीडिया प्रभारी, आप

    कर्मचारी चयन मंडल विधेयक को मिली मंजूरी, लंबी चर्चा के बाद विधानसभा सत्र समाप्त

    अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग की पहल पर पर्यावरण विभाग की बड़ी कार्रवाई;

    Breaking : छत्तीसगढ़ में दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ में अफीम की खेती का भंडाफोड़, तरबूज-ककड़ी की आड़ में चल रहा था नशे का खेल

    Chhattisgarh SIR: छत्तीसगढ़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची आज होगी जारी, ऐसे चेक करें अपना नाम

    केरल में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर की नृशंस हत्या, CM साय बोले– घटना अमानवीय; परिजनों को 5 लाख की सहायता

    CG Police Transfer List: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, राज्य पुलिस सेवा के 95 अफसरों के तबादले

    Chhattisgarh News: कोदो का सेवन बना जानलेवा, एक ही परिवार के 6 लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती

    छत्तीसगढ़ में 1 जनवरी से डिजिटल क्रांति… सभी सरकारी काम होंगे ऑनलाइन, आदेश जारी

    Trending Posts
    Facebook X (Twitter) WhatsApp Instagram

    Laxman Sen

    Editor 

    Mobile – 8818866551
    Email- newslead18@gmail.com

    Useful Link

    • Privacy Policy
    • Term and Conditions
    • Disclaimer
    • Contact Us
    • About Us
    Develop By Nimble Technology

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.