रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में शनिवार को कथित मतांतरण गतिविधियों को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। जानकारी के मुताबिक, ईसाई मिशनरी से जुड़ी बताई जा रही तीन महिलाएं अस्पताल परिसर में पहुंचीं और मरीजों से संपर्क कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का हवाला देते हुए प्रभावित करने का प्रयास कर रही थीं।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में मौजूद एक मरीज ने इस दौरान महिलाओं की गतिविधियों का वीडियो बना लिया और उसे बजरंग दल से जुड़े लोगों तक पहुंचा दिया। सूचना मिलने के बाद संगठन के कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक महिलाएं मौके से जा चुकी थीं।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में करीब आधे घंटे तक महिलाओं की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। कार्यकर्ताओं ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने और इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की हिदायत दी। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को भी इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई।
घटना के विरोध में कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल किया गया है, जिसमें महिलाओं की गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
गौरतलब है कि राज्य में हाल ही में अवैध मतांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है, जिसके तहत लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं सामने आने पर प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ गई है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
