NEET UG Result: नीट यूजी 21 जून को दोबारा होने के बाद जुलाई अंत तक रिजल्ट आने की संभावना है। इससे सितंबर में मेडिकल व डेंटल कॉलेजों के एमवीबीएस व बीडीएस कोर्स में प्रवेश के लिए काउंसलिंग शुरू होने की संभावना है। इससे नए सत्र की पढ़ाई शुरू होने में देरी तय है। सामान्यतः एक या 10 अगस्त से नए सेशन की शुरूआत होती है।
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46 हजार छात्रों ने दिया री नीट
प्रदेश में वर्तमान में 10 सरकारी 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमपीबीएस की 2330 सीटें हैं। इन सीटों पर एडमिशन के लिए छत्तीसगढ़ समेत देशभर में 3 मई को नीट हुई। 12 मई को नकल की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। प्रदेश के 46 हजार के आसपास छात्रों को रीनीट देनी पड़ी। जिन छात्रों का स्कोर ऊपर री-नीट देनी पड़ी। जिन छात्रों पर स्कोर उपर रहता है, उन्ही को एमबीवीएस की सीट मिलेगी। नीचे रैंक वालों को बीडीएस की सीटें मिलेगी। बाकी जो क्वालीफाइड है, वे छात्र केवल कॉउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजो में 15 फीसदी सीटें इंडिया व 3 फीसदी सीटें सेंट्रल पूल के लिए आरक्षित है। वहीं निजी चाँजों में 42.5-42.5 फीसदी सीटें तों में 42.5 42.5 फीसदी स्टेट व मैनेजमेंट सथा 15 फीचरी सोटे एनआरआई के लिए आरक्षित होती है।
इस बार पैरामेडिकल कोर्स में भी एडमिशन नीट से
प्रदेश में 30 विचिन्न पैरामेडिकल कोर्स में इस साल से प्रवेश नीट यूजी से होगा। कोई भी कॉलेज किसी भी छात्र को सीधे प्रवेश नहीं दे सकता। प्रदेश में दो साल जीरो ईयर रहा। यानि पैरामेडिकल कोर्स ने प्रवेश नहीं दिया। इससे छात्रों को बड़ा नुकसान हुआ है। लापरवाही की हद तो ये रही कि इसकी सूचना छात्रों को नहीं दी गई। इसके कारण कई छात्र निजी संस्थानों में प्रवेश ले लिया अथवा सरकारी संस्थानों में प्रवेश के लिए राह देखते रहे। नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेसन्स के आर्डर के अनुसार पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश का यह नियम छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में अगले साल से लागू किया जाएगा।
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बीपीटी सहित रेडियोथैरेपी टेक्नीशियन कोर्स में प्रवेश
वर्तमान में मेडिकल व डेंटल कोर्स में प्रवेश नीट यूजी से होता है। बीपीटी (फिजियोथैरेपी), बीएओटी (ऑक्यूपेशनात औरेपी), रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी, मेडिकल लेबोरेटरी साइंस, हैल्थ इन्फॉर्मेशन सिष्टम सहित 10 प्रमुख कोर्स में सीधे प्रवेश का सिस्टम खत्म कर दिया गया है। केंद्र सरकार के नेशनल कमीशन फॉर एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (एनमीरएवमी) ने पहले ही छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों को संबंध में पत्र भेजा दिया है। सभी को नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रदेश में कोर्स संचालन के लिए कमेटी का गठन भी कर लिया गया है। वर्तमान में चिकित्सा शिक्षा विभाग बीपीटी की करीव 300 और पैरामेडिकल की 250 सीटों के लिए मेरिट के माध्यम से प्रवेश देता है। यही नहीं कई निजी संस्था पैरामेडिकल कोर्स में सीधे प्रवेश दे रहे हैं। कई को मान्यता भी नहीं है।
