Janjgir Case : जांजगीर जिले में बच्चे की मौत फूड पाइजनिंग की वजह से हुई थी, मगर इसका कारण रात में खाया गया तरबूज नहीं था। घटना के बाद लिए गए संबंधित तरबूज के सैंपल में किसी तरह के मिलावट का पता नहीं चला है। वहां की रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मिल चुकी है, मगर उस दौरान रायपुर से लिए गए फ्रूट के सैंपल की जांच रिपोर्ट का अब तक पता नहीं है। जांजगीर में बच्चे की मृत्यु के अलावा तीन और लोग बीमार हुए थे। पूछताछ में पता चला था कि उन्होंने रात में बिरयानी और तरबूज खाया था। इसके बाद तरबूज में खतरनाक मिलावट होने की आशंका थी।
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इस संदेह के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने संबंधित तरबूज का सैंपल लेकर जांच के लिए रायपुर की प्रयोगशाला भेजा था। वहां के खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहित बेहरा ने बताया कि रिपोर्ट में तरबूज में किसी तरह की मिलावट होने की पुष्टि हुई है। बच्चे की मृत्यु का कारण फूड पाइजनिंग था, मगर इसकी वजह 8 से 10 घंटे पहले सेवन किया गया कुछ भी खाद्य पदार्थ हो सकता है।
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इस घटना के बाद एफडीए की टीम ने राजधानी रायपुर के लालपुर फ्रूट मार्केट में जाकर जांच की थी। इस दौरान वहां से तरबूज के 2, अनार, आम और मौसंबी के एक-एक सैंपल लेकर जांच के लिए कालीबाड़ी लैब भेजा था। रायपुर के अभिहित अधिकारी ने बताया कि अभी सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। घटना के बाद मई के अंतिम दिनों में भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने प्रदेशभर में थोक और रिटेल फल दुकानों में जाकर जांच कराया था।
