Close Menu
    What's Hot

    नकपुरा गांव में पंच सरपंच सचिव की मिलीभगत से गांव में अवैध मुरुम उत्खनन 24 घंटे निरंतर जारी

    आप प्रमोट होकर आए हैं या सीधे भर्ती’ ड्रेसकोड पर छत्तीसगढ़ HC ने अफसर को लगाई फटकार

    413 खाताधारकों पर केस, दो दिन में 8 बैंकों के 889 खातों की शिकायत

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Lead 18
    • होम
    • सिटी न्यूज़
    • छत्तीसगढ़
    • भारत
    • देश – विदेश
    • मनोरंजन
    • राजनीति
    • खेल जगत
    News Lead 18
    Home » प्रोटोकॉल पर बवाल:शहर का प्रथम नागरिक हर कार्यक्रम में तीसरे नंबर पर
    Raipur

    प्रोटोकॉल पर बवाल:शहर का प्रथम नागरिक हर कार्यक्रम में तीसरे नंबर पर

    News Lead18By News Lead18May 16, 2026
    Share Facebook Twitter Telegram Email Copy Link WhatsApp
    Follow Us
    YouTube WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp

    नगर निगम में शुक्रवार को एक बड़ा ड्रामा देखने को मिला। महापौर अलका बाघमार ने अपनी उपेक्षा से नाराज होकर आरईएस और मंडी बोर्ड के तीन अधिकारियों को अपने दफ्तर में करीब 3 घंटे तक बिठाए रखा।

    इस बीच बाहर यह चर्चा होने लगी कि अफसरों को बंधक बना लिया गया है। सूचना मिली तो पुलिस के बड़े अफसर पहुंच गए। महापौर ने बताया कि अफसरों को बंधक नहीं बनाया गया है बल्कि पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

    दरअसल, नगर निगम की सीमा में आरईएस, पीडब्ल्यूडी, मंडी बोर्ड और सिंचाई विभाग द्वारा कई निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन कामों के भूमिपूजन और उद्घाटन कार्यक्रमों में महापौर को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था, जिससे वे काफी नाराज थीं।

    बुलावा मिलने पर आरईएस के ईई जितेंद्र कुमार मेश्राम, एसडीओ सीके सोने और मंडी बोर्ड के एसडीओ प्रवीण पांडेय ही उनके पास पहुंचे। महापौर ने तीनों को फटकार लगाते हुए तीन सीधे सवाल दागे।

    नगर निगम में शुक्रवार को एक बड़ा ड्रामा देखने को मिला। महापौर अलका बाघमार ने अपनी उपेक्षा से नाराज होकर आरईएस और मंडी बोर्ड के तीन अधिकारियों को अपने दफ्तर में करीब 3 घंटे तक बिठाए रखा।

    इस बीच बाहर यह चर्चा होने लगी कि अफसरों को बंधक बना लिया गया है। सूचना मिली तो पुलिस के बड़े अफसर पहुंच गए। महापौर ने बताया कि अफसरों को बंधक नहीं बनाया गया है बल्कि पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

    दरअसल, नगर निगम की सीमा में आरईएस, पीडब्ल्यूडी, मंडी बोर्ड और सिंचाई विभाग द्वारा कई निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन कामों के भूमिपूजन और उद्घाटन कार्यक्रमों में महापौर को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था, जिससे वे काफी नाराज थीं।

    बुलावा मिलने पर आरईएस के ईई जितेंद्र कुमार मेश्राम, एसडीओ सीके सोने और मंडी बोर्ड के एसडीओ प्रवीण पांडेय ही उनके पास पहुंचे। महापौर ने तीनों को फटकार लगाते हुए तीन सीधे सवाल दागे।

    निगम के स्वीकृत कार्यों की एनओसी क्यों नहीं दी जाती? मुझे किसी भी कार्यक्रम की पूर्व सूचना क्यों नहीं दी जाती? कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं हो रहा है और किसके इशारे पर ये सब कर रहे हैं? जब अफसरों से कोई जवाब नहीं मिला, तो महापौर ने सख्त लहजे में कह दिया कि तब तक जवाब नहीं देते, यहीं बैठे रहो। बाद में अधिकारी केबिन में चले गए कि वे आपस में चर्चा कर रहे हैं।

    क्या कहता है प्रोटोकॉल सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के अनुसार, सार्वजनिक या सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक के बाद महापौर का नाम आता है। पार्टी पदाधिकारी का प्रोटोकॉल जिक्र नहीं होता है। सवाल यह उठ रहा है कि हर कार्यक्रम में मेयर के पहले जिलाध्यक्ष का नाम किसकी सहमति से लिखा जा रहा है।

    कभी सीएम-स्पीकर देने वाले दुर्ग से चलती थी सरकार, आज दुर्ग को अफसर चला रहे एक वह दौर था जब दुर्ग से पूरे प्रदेश की सरकार चलती थी। अस्सी के दशक में अविभाजित मध्यप्रदेश की बात हो या स्वतंत्र छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से अब तक। लेकिन आज दुर्ग की शहरी सरकारों को अफसर चला रहे हैं।

    नगर निगम भिलाई, दुर्ग और रिसाली में चुनी हुई शहर सरकारें अपने ही प्रशासनिक मुखिया आयुक्तों के सामने बेबस हो गई हैं। स्थिति यह है कि सत्ताधारी भाजपा हो या विपक्षी कांग्रेस, दोनों ही दलों के महापौरों को अपने अधिकारों और सम्मान के लिए अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ रहा है। कहीं महापौर की अनदेखी हो रही है, कहीं सामान्य सभा के फैसले दरकिनार किए जा रहे हैं।

    मंत्री बोले- बात विधि सम्मत हो तो महापौर की सुननी ही पड़ेगी: यह कैसे संभव है कि अफसर अपने महापौर की बात नहीं सुनेंगे। नियम-कायदे और विधि सम्मत बातें अफसरों को सुननी ही पड़ेगी। बाकी महापौर के विवेक पर निर्भर करता है कि वे अपनी टीम के साथ कैसे काम कर रही हैं।

    भिलाई नगर निगम : पक्ष-विपक्ष एकजुट, फिर भी आयुक्त हावी कांग्रेस महापौर नीरज पाल और भाजपा पार्षद, दोनों ही आयुक्त राजीव पांडेय के खिलाफ लामबंद हैं। आयुक्त पर शिक्षा उपकर और संचित निधि की राशि में मनमानी, 1248 भूखंडों की नीलामी राशि का दुरुपयोग और सामान्य सभा के फैसलों के उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं। भाजपा पार्षदों ने आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव लाया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

    Related posts:

    1. Liquor Scam Case : भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर, 6 सितंबर तक रहेंगे जेल में
    2. CG Liquor Scam Case : शराब घोटाले के आरोपी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को लेकर रायपुर पहुंची EOW
    3. Tomar Bandhu Case Raipur: परिजनों से संपर्क में तोमर बंधु, कॉल ट्रेस से भी नहीं हो रही गिरफ्तारी
    4. Babylon Tower Fire: रायपुर के बेबीलोन टावर में लगी भीषण आग, 45 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए
    Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Email Copy Link Telegram WhatsApp
    Previous Articleपीएम सूर्यघर योजना की ऑनलाइन समीक्षा बैठक:पेट्रोल बचत के लिए वर्चुअल मीटिंग, बैंकों को पेंडिग मामले जल्द निपटाने के निर्देश
    Next Article 413 खाताधारकों पर केस, दो दिन में 8 बैंकों के 889 खातों की शिकायत

    Related Posts

    छत्तीसगढ़

    नकपुरा गांव में पंच सरपंच सचिव की मिलीभगत से गांव में अवैध मुरुम उत्खनन 24 घंटे निरंतर जारी

    छत्तीसगढ़

    आप प्रमोट होकर आए हैं या सीधे भर्ती’ ड्रेसकोड पर छत्तीसगढ़ HC ने अफसर को लगाई फटकार

    छत्तीसगढ़

    413 खाताधारकों पर केस, दो दिन में 8 बैंकों के 889 खातों की शिकायत

    Latest Posts

    नकपुरा गांव में पंच सरपंच सचिव की मिलीभगत से गांव में अवैध मुरुम उत्खनन 24 घंटे निरंतर जारी

    आप प्रमोट होकर आए हैं या सीधे भर्ती’ ड्रेसकोड पर छत्तीसगढ़ HC ने अफसर को लगाई फटकार

    413 खाताधारकों पर केस, दो दिन में 8 बैंकों के 889 खातों की शिकायत

    प्रोटोकॉल पर बवाल:शहर का प्रथम नागरिक हर कार्यक्रम में तीसरे नंबर पर

    पीएम सूर्यघर योजना की ऑनलाइन समीक्षा बैठक:पेट्रोल बचत के लिए वर्चुअल मीटिंग, बैंकों को पेंडिग मामले जल्द निपटाने के निर्देश

    लालपुर फल मार्केट में मिले सड़े-गले फ्रूट:खाद्य विभाग की टीम ने की कार्रवाई, 5 फलों के नमूने जांच के लिए भेजे गए

    छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल परीक्षा का रिजल्ट जारी, इस लिंक से देख सकेंगे परीक्षा परिणाम

    सीएम साय बोले- प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडारण: अफवाहों से दूर रहें, आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें

    कचना ओवर-ब्रिज जल्द होगा शुरू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अंतिम चरण के कार्यों का किया निरीक्षण

    छत्तीसगढ़ में सिकल सेल मरीजों के लिए बड़ा फैसला, 85 करोड़ से बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

    Trending Posts
    Facebook X (Twitter) WhatsApp Instagram

    Laxman Sen

    Editor 

    Mobile – 8818866551
    Email- newslead18@gmail.com

    Useful Link

    • Privacy Policy
    • Term and Conditions
    • Disclaimer
    • Contact Us
    • About Us
    Develop By Nimble Technology

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.